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नौसेना में 3 स्वदेशी युद्धपोत हुए शामिल; PM मोदी बोले- 45 बड़े नौसैनिक प्लेटफॉर्म अभी निर्माणाधीन

भारतीय नौसेना में रविवार को तीन स्वदेशी युद्धपोत शामिल हुए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया गवाह है कि मैरीटाइम क्षमता के बिना कोई भी राष्ट्र बड़ी शक्ति नहीं बन सकता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: @BJP4India)

Photo : Twitter

Tri-Commissioning Ceremony: भारतीय नौसेना में रविवार को तीन स्वदेशी युद्धपोत शामिल हुए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया गवाह है कि मैरीटाइम क्षमता के बिना कोई भी राष्ट्र बड़ी शक्ति नहीं बन सकता है। समुद्र से विकास, सुरक्षा, समृद्धि जुड़ी हुई है।

'समुद्री मार्गों से होता है अधिकांश व्यापार'

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया का अधिकांश व्यापार समुद्री मार्गों से ही होता है। दुनिया को जोड़ने वाले डेटा के विशाल नेटवर्क समुद्र के नीचे से गुजरते हैं। आने वाले समय में क्रिटिकल मिनिरल्स, गहरे समुद्र के संसाधन और नई ऊर्जा के स्रोत्र भी समुद्र से जुड़ेंगे। इसलिए जिस देश का समुद्री सामर्थ्य मजबूत होगा उसका आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भी उतना ही मजबूत होगा। भारत इस वास्तविकता को अच्छी तरह से समझता है। भारत इसके लिए स्वयं को तैयार कर रहा है और आज का ये दिन इस बात का साक्षी है कि हमारी क्षमता, कौशल क्या है?

'स्वदेशी युद्धपोत नए भारत की सबसे बड़ी ताकत'

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले जब हमने आईएनएस विक्रांत को राष्ट्र को समर्पित किया था तब विश्वभर के सामने भारत ने अपने समुद्री सामर्थ्य के नए अध्याय का उद्घोष किया था। आईएनएस विक्रांत से लेकर आजतक की यात्रा महज नए युद्धपोतों की यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत के बढ़ती आत्मनिर्भरता की भी यात्रा है। आज आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक उसी यात्रा को गति दे रहे हैं। ये तीनों युद्धपोत भारत के तीन महत्वपूर्ण संकल्पों के भी प्रतीक हैं। इनका निर्माण, डिजाइन भारत में हुआ है। इनके निर्माण भारतीय उद्योगों की प्रतिभा, भारतीय इंजीनियरों का कौशल, भारतीय श्रमिकों का परिश्रम लगा है। और यही नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीदार बनकर नहीं रहना चाहता। हमारी सैन्य शक्ति दुनिया के लिए बाजार नहीं बन सकती है। मेरी शक्ति की पहचान विश्व के बाजार बनने से नहीं, बल्कि मेरी आत्मनिर्भरता में है। भारत निर्माता बनना चाहता है और जिस दिन निर्माता होंगे, उस दिन निर्णायक भी होंगे। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बीते वर्षों में 40 से अधिक मेड इन इंडिया युद्धपोत और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल हुई हैं। यानी लगभग हर कुछ सप्ताह में भारतीय नौसेना को एक नई शक्ति मिली है।

'45 बड़े नौसैनिक प्लेटफॉर्म अभी निर्माणाधीन'

उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी 45 बड़े नौसैनिक प्लेटफॉर्म निर्माणाधीन है। यह महज संख्या नहीं हैं, बल्कि भारत की औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है। साथ ही पीएम मोदी ने इसे भारत के भविष्य का संकेत भी बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत का मैरीटाइम सेक्टर लाखों नए रोजगार तैयार करने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि हम मैरीटाइम सेक्टर को सिर्फ एक सेक्टर नहीं मानते हैं, बल्कि इसे विकसित भारत के रोजगार इंजन के रूप में देखते हैं।

एक आधुनिक जहाज में सैकड़ों टन स्टील, इलेक्ट्रॉनिक, मशीनरी, कलपुर्जे इत्यादि लगते हैं और इन सबसे पीछे हजारों कंपनियां काम करती हैं। जिसका मतलब है कि हजारों युवाओं को रोजगार मिलता है। आज जिन तीन युद्धपोतों को कमीशन किया गया है उसके निर्माण में 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) समेत भारतीय उद्योग ने व्यापक भागीदारी की है।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन समेत कई गणमान्य व्यक्ति युद्धपोतों को नौसेना में शामिल किए जाने के समारोह में शामिल हुए। इन युद्धपोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना के 'वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो' ने तैयार किया है और इनका निर्माण कोलकाता स्थित सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी ’गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड’ ने किया है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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