CLEAN करो NEET: नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा सामने आया है। गैस पेपर के नाम पर असली सवाल पहुंचाए गए। छात्रों तक साठ पन्नों की पीडीएफ भेजी गई। Tomes Now नवभारत के पास एक्सक्लूसिव फाइल मौजूद है। हाथों से लिखा हुआ था पूरा गैस पेपर। इसी फाइल में 135 सवाल हूबहू मिले। यानी गैस पेपर ही था असली लीक पेपर था। सीबीआई इसी पेपर के आधार पर जांच कर रही है।
सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट सवालों के घेरे में
बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट इन दिनों सबसे बड़े सवालों के घेरे में है। एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की नाकामी के चलते नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट-अंडरग्रैजुएट (नीट-यूजी) 2026 परीक्षा का पेपर लीक हो गया और उसका खामियाजा देश के 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है। इस मामले में अब तक पांच राज्यों के 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले में जांच के बीच सबके मन में ये सवाल है कि बेहद सघन सुरक्षा में कराई जाने वाली परीक्षा में सेंध कैसे लगी। छात्रों से लेकर देश का हर नागरिकों के मन में सवाल है कि आखिर इस पूरी सांठगांठ का मास्टरमाइंड कौन है? राजस्थान से शुरू हुई इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे ही नई जानकारी और गिरोह के नए गुर्गे सामने आ रहे हैं।
3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के चलते इसे रद्द कर दिया गया था। शुरुआत में पेपर लीक की खबरों को अफवाह बताया गया,लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल सबूत और गिरफ्तारियां सामने आईं, पूरा मामला एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करने लगा।
कई चौंकाने वाले खुलासे
NEET पेपर लीक मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। CBI के मुताबिक, परीक्षा से काफी पहले ही कुछ छात्रों तक संभावित सवाल पहुंचाए जा रहे थे। आरोप है कि पुणे में गुप्त तरीके से क्लास चलाकर छात्रों को चुनिंदा प्रश्न तैयार करवाए गए और किताबों में उनके जवाब भी चिन्हित कराए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि इनमें से बड़ी संख्या में सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि लीक सामग्री को डिजिटल रूप देकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैलाया गया। करीब 500 से ज्यादा सवालों वाली PDF फाइल वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स में शेयर की गई थी।
नासिक से शुरू होकर कई राज्यों तक फैला जाल
जांच में अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार पेपर लीक का नेटवर्क महाराष्ट्र के नासिक से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान और फिर देश के कई हिस्सों तक फैला। पता चला है कि नीट यूजी का पेपर सबसे पहले नासिक से बाहर निकाला गया और फिर इसे हरियाणा के जरिए राजस्थान पहुंचाया गया। इसके बाद जयपुर और जमवारामगढ़ होते हुए यह नेटवर्क सीकर तक पहुंचा, जहां से पूरे ऑपरेशन को संचालित किया गया।
सीकर से देश के अन्य राज्यों तक पहुंचा पेपर
राजस्थान का सीकर लंबे समय से देश के बड़े कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है, लेकिन इस बार यही शहर लीक पेपर के वितरण का प्रमुख केंद्र बन गया। यहां से कथित तौर पर प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी जानकारी जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों तक पहुंचाई गई। यह पूरा नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म, एन्क्रिप्टेड चैट और निजी संपर्कों के जरिए संचालित किया गया, ताकि किसी को भनक तक न लगे।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
