देश

'किसानों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार', कैबिनेट के फैसले पर बोले पीएम मोदी

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 22, 2024, 10:50 AM IST

PM Modi on Kisan: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चीनी मौसम 2024-25 (अक्टूबर-सितम्‍बर) के लिए चीनी मिलों द्वारा देय गन्ने के 'उचित और लाभकारी मूल्य' (एफआरपी) को मंजूरी दी। गन्ने का एफआरपी 10.25 प्रतिशत की मूल वसूली दर पर 340 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि इस कदम से हमारे करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ होगा।

Image

कैबिनेट के फैसले पर क्या बोले पीएम मोदी?

Photo : Times Now Digital

Farmers News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने चीनी मौसम 2024-25 के लिए चीनी की 10.25 प्रतिशत वसूली दर पर की गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) ₹ 340/क्विंटल करने की मंजूरी दे दी। यह गन्ने की ऐतिहासिक कीमत है जो चालू मौसम 2023-24 के लिए गन्ने के एफआरपी से लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। संशोधित एफआरपी 01 अक्टूबर 2024 से लागू होगी।

पीएम मोदी ने गन्ना किसानों के लिए क्या कहा?

सरकार के इस फैसले पर पीएम मोदी ने कहा कि 'देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गन्ना खरीद की कीमत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इस कदम से हमारे करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ होगा।'

गन्ना किसानों के लिए कैसा है नया एफआरपी?

गन्ने के ए2+एफएल मूल्‍य से 107 प्रतिशत अधिक पर, नया एफआरपी गन्ना किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करेगा। गौरतलब है कि भारत पहले से ही दुनिया में गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत चुका रहा है लेकिन इसके बावजूद सरकार भारत के घरेलू उपभोक्ताओं को दुनिया की सबसे सस्ती चीनी उपलब्‍ध करा रही है। केन्‍द्र सरकार के इस फैसले से 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों (परिवार के सदस्यों सहित) और चीनी क्षेत्र से जुड़े लाखों अन्य लोगों को फायदा होगा। यह किसानों की आय दोगुनी करने की मोदी की गारंटी को पूरा करने की पुष्टि करता है।

इस मंजूरी के साथ, चीनी मिलें गन्ने की एफआरपी 10.25 प्रतिशत की वसूली पर ₹ 340/क्विंटल की दर से भुगतान करेंगी। वसूली में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, किसानों को ₹ 3.32 की अतिरिक्त कीमत मिलेगी, जबकि वसूली में 0.1 प्रतिशत की कमी पर समान राशि की कटौती की जाएगी। हालाँकि, गन्ने का न्यूनतम मूल्य ₹ 315.10/क्विंटल है जो 9.5 प्रतिशत की वसूली पर है। भले ही चीनी की वसूली कम हो, किसानों को ₹315.10/क्विंटल की दर से एफआरपी का आश्वासन दिया जाता है।

किसानों की फसल का सही मूल्य सही समय पर

पिछले 10 वर्षों में, मोदी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य सही समय पर मिले। पिछले चीनी सीज़न 2022-23 का 99.5 प्रतिशत गन्ना बकाया और अन्य सभी चीनी सीज़न का 99.9 प्रतिशत किसानों को पहले ही भुगतान किया जा चुका है, जिससे चीनी क्षेत्र के इतिहास में सबसे कम गन्ना बकाया लंबित है। सरकार के समय पर नीतिगत हस्तक्षेप के साथ, चीनी मिलें आत्मनिर्भर हो गई हैं और एसएस 2021-22 के बाद से सरकार द्वारा उन्हें कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है। फिर भी, केन्‍द्र सरकार ने किसानों के लिए गन्ने की 'निश्चित एफआरपी और निश्चित खरीद' सुनिश्चित की है।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें