भारत और इजरायल के बीच वर्षों पुराने मजबूत रिश्तों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच बने रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर गहन चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस बातचीत की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह कॉल इजरायल की ओर से किया गया था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया। वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच जारी विशेष रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि रक्षा, व्यापार, वित्त और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को नया विस्तार दिया जा सके।
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दोनों देशों का लगातार संपर्क में रहना बेहद जरूरी-विदेश मंत्रालय
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। बातचीत में केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया में हो रहे हालिया बदलावों और क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि वैश्विक और क्षेत्रीय शांति के दृष्टिकोण से दोनों देशों का लगातार संपर्क में रहना बेहद जरूरी है। इससे पहले मार्च के महीने में भी दोनों नेताओं के बीच इसी तरह की बातचीत हुई थी।
भारत-इजरायल के बीच आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत
भारत और इजरायल के बीच आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी तेजी से काम कर रहे हैं, ताकि एक संतुलित और व्यापक आर्थिक साझेदारी स्थापित की जा सके। इजरायली राजदूत भी पहले ही कह चुके हैं कि क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद दोनों देशों के संबंध बेहद सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी और नेतन्याहू की इस ताजा बातचीत से यह साफ है कि आने वाले समय में भारत-इजरायल साझेदारी और अधिक प्रगाढ़ होगी।
