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नहीं थम रही कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी की हरकतें, अब PM MOdi को दी धमकी, बोला- 'हम आ रहे हैं'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 12, 2023, 05:08 PM IST

Khalistan Canada: पीएम मोदी ने कनाडाई पीएम के सामने खालिस्तान द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जाहिर की थी। इसके जवाब में ट्रूडो ने कहा था कि यह तय किया जाएगा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों की आड़ में देश में नफरत और हिंसा न फैलाई जाए।

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कनाडा में नहीं थम रही खालिस्तानी गतिविधियां

Photo : BCCL

Khalistan Canada: जी-20 समिट के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों का मुद्दा जोरशोर से उठाया था, बदले में ट्रूडो ने भरोसा दिलाया था कि वह अपने देश में अलगाववादियों पर लगाम कसेंगे, लेकिन हकीकत कुछ और है।

ट्रूडो के भारत से रवाना होते ही एक बार फिर खालिस्तानी गतिविधि सामने आई है। अब खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत भारत के टॉप लीडर्स को जान से मारने की धमकी दी है।

वीडियो जारी कर दी धमकी

बता दें 10 सितंबर को कनाडा के सरे स्थित एक गुरुद्वारे में भारत के खिलाफ जनमत संग्रह का आयोजन किया गया। इसके बाद SFJ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी किया। इसमें उसने भारत को कनाडा में अपना दूतावास बंद करने की धमकी दी, साथ ही वीडियो में उसने कहा, यह उन लोगों के लिए मैसेज है, जिन्होंने हरदीप सिंह निज्जर को मरवा डाला। मोदी, जयशंकर, डोभाल और शाह, हम आ रहे हैं।

जून में मारा गया था कि हरदीप निज्जर

बता दें, खालिस्तानी उग्रवादी हरदीप सिंह निज्जर की इसी साल जून में गोलीबारी के दौरान हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से खालिस्तानी समर्थक भारत सरकार पर हत्या का आरोप लगाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि हरदीप निज्जर को भारत सरकार के इशारे पर मारा गया।

पीएम मोदी ने जताई थी चिंता

बता दें, पीएम मोदी ने कनाडाई पीएम के सामने खालिस्तान द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जाहिर की थी। इसके जवाब में ट्रूडो ने कहा था कि उनका देश हमेशा शांतिपूर्ण विरोध की स्वतंत्रता की रक्षा करेगा, लेकिन यह तय किया जाएगा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों की आड़ में देश में नफरत और हिंसा न फैलाई जाए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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