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पाकिस्तान को एक और झटका! 23 जून तक बढ़ा NOTAM; इंडियन एयर स्पेस में नहीं आ सकेंगे PAK के विमान

भारत ने 23 जून 2025 तक सभी तरह के पाकिस्तानी विमानों की एंट्री भारतीय एयरस्पेस के उपयोग पर रोक लगा दी है। पाकिस्तान स्थित एयरलाइनों या पाकिस्तानी सरकार के स्वामित्व वाले संचालित या पट्टे पर दिए गए विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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प्रतीकात्मक फोटो

भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बाद कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। अब 23 जून 2025 तक पाकिस्तानी विमानों की एंट्री पर पूर्णतया रोक लगा दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर NOTAM को अगले एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यानी अब अगले आदेश तक भारतीय वायु सीमा पर पाकिस्तान के किसी भी प्रकार के विमान नहीं आ सकेंगे। इसमें नागरिक, सैन्य और चार्टर्ड उड़ानें भी शामिल हैं।

दरअसल, कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए। सिंधु नदी के जल के रोक और अन्य प्रतिबंधों के बाद पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमानों के 'पाक' एयरस्पेस के उपयोग पर रोक लगा दी गई, लिहाजा भारत ने भी पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के लिए अपने एयरस्पेस रो बंद करने की समय सीमा 23 जून तक बढ़ा दी। इसे लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने NOTAM जारी किया है। NOTAM के तहत भारतीय हवाई क्षेत्र पाकिस्तानी रजिस्टर्ड किसी भी प्रकार के विमान के लिए बंद रहेंगे।

भारतीय फ्लाइट को पाक ने नहीं दी थी इजाजत

दरअसल, दिल्ली से श्रीनगर जा रहे ‘इंडिगो’ विमान के चालक दल के सदस्यों ने बुधवार को खराब मौसम से बचने के लिए पाकिस्तान हवाई क्षेत्र में प्रवेश का अनुरोध किया था, जिसे पाकिस्तान अस्वीकार कर दिया। इंडिगो के ‘ए321 नियो’ विमान की उड़ान संख्या ‘6ई 2142’ को पठानकोट के निकट ओलावृष्टि और भीषण खराब मौसम का सामना करना पड़ा था। डीजीसीए ने कहा कि चालक दल ने खराब मौसम से बचने के वास्ते पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश के लिए लाहौर संपर्क किया, लेकिन उसे भी अस्वीकार कर दिया गया। लिहाजा, चालक दल ने खराब मौसम से बचने के लिए श्रीनगर की ओर सबसे छोटे मार्ग से उसी दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय किया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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