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Greater Noida से दिल्ली तक 47 KM, चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप; Rahul Gandhi ने पूछा- पुलिस कहां थी?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस में नाबालिग से गैंगरेप के मामले ने एक बार फिर निर्भया कांड की यादें ताजा कर दीं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में दिल्ली और यूपी पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

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दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप की घटना पर राहुल गांधी का सोशल मीडिया पोस्ट

दिल्ली-एनसीआर में एक चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप के मामले ने एक बार फिर निर्भया मामले के जख्म हरे कर दिए हैं। जिस तरह से साल 2012 में निर्भया के साथ दिल्ली की सड़कों पर चली बस में Gangrape की घटना को अंजाम दिया गया था, उसी तरह 4 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर फिर वैसी ही घटना हुई। हालांकि, यह मामला अब 31 अगस्त को FIR के बाद चर्चा में आया है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी खूब हो रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर X पर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है।

Rahul Gandhi ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिल्ली-एनसीआर के महिलाओं के लिए असुरक्षित होने को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, 'एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - Greater Noida से दिल्ली तक। हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।'

नेता प्रतिपक्ष ने इस बात पर बड़ी हैरानी जताई कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली में कश्मीरी गेट तक 47 किमी की स्ट्रैच में नाबालिग से ज्यादती होती रही। लेकिन इस दौरान किसी भी चेकपोस्ट पर गाड़ी को रोका नहीं गया, जबकि इस एसी बस में पर्दे लगे हुए थे। राहुल गांधी का कहना है अपराधियों में प्रशासन का कोई डर नहीं है।

राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा, 'बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं। निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जांच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?'

नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'पर्दे सिर्फ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।' उन्होंने पूछा और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाकी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में अंत में लिखा, 'क्या अमित शाह (केंद्रीय गृहमंत्री) के अधीन दिल्ली पुलिस और योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश) के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।'

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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