Himachal Pradesh Latest Update: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं ने फिर से हाहाकार मचाई है। दूसरे दौर की बारिश में बुधवार (16 अगस्त, 2023) तक 72 घंटों के भीतर कम से कम 70 लोगों की जानें चली गईं। ऐसे में ऐहतियाती तौर पर राज्य सरकार को 17 अगस्त, 2023 के लिए सभी स्कूल और कॉलेज की छुट्टी करनी पड़ी। सूबे के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बीच असल समस्या की ओर जोर देते हुए बताया कि नदियां घरों में नहीं घुसती हैं, बल्कि मकान उनके रास्ते में आते हैं।
उन्होंने इसके साथ ही बताया कि पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर के लोगों को और अधिक मदद मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार को राज्य को विशेष पैकेज देना चाहिए क्योंकि यह “उत्तर भारत का फेफड़ा” है। वह आगे बोले, "मॉनसून में राज्य में हुई भारी बारिश के कारण तबाह हुए बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने में एक साल लग जाएगा। सड़कों और जल परियोजनाओं के पुनर्निर्माण में समय लगता है। लेकिन सरकार इस प्रक्रिया में तेजी ला रही है। भारी बारिश के कारण हुआ अनुमानित नुकसान 10 हजार करोड़ रुपए है।"
उन्होंने भारी क्षति के लिए रविवार से होने वाली तेज बारिश को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह "पहली बार" है कि एक ही दिन में लगभग 50 लोगों की मौत हो गई। राज्य में "ढाचांगत डिजाइनिंग" की कमी है। जगह-जगह इमारतें जल प्रवाह के प्राकृतिक मार्ग को बाधित करती हैं, और संरचनाओं को तैयार करने पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, “नदी घरों में नहीं घुसती, घर नदी के रास्ते में आते हैं।” दरअसल, इस हफ्ते राज्य में बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिनके चलते सड़कें बंद हो गईं और घर ढहे। वैसे, इससे पहले जुलाई में भी राज्य में भारी बारिश हुई थी।
फिर एक्टिव हो सकता है मॉनसून, 7,200 करोड़ का नुकसान
रविवार (13 अगस्त, 2023) से सूबे में मूसलाधार बारिश का दूसरा दौर चल रहा है। पॉल के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में मॉनसून कमजोर हो जाएगा और 25 अगस्त को फिर सक्रिय होने की संभावना है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में राज्य में बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 327 तक पहुंच गई, जबकि 24 जून को मॉनसून की शुरुआत के बाद से अब तक राज्य को लगभग 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
