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डायबिटीज रोगियों के लिए खुशखबरी, अब 25000 होंगे जन औषधि केंद्र, पीएम ने की घोषणा

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Aug 15, 2023, 10:45 AM IST

Independence Day 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्रचार से देश को संबोधित करते हुए कहा कि अब सरकार की योजना 'जन औषधि केंद्रों' की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने की है। इससे मध्यम वर्गों के लोगों को फायदा होगा।

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जन औषधि केंद्र को लेकर पीएम ने बड़ा ऐलान किया

Independence Day 2023: 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्रचार से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 'जन औषधि केंद्रों' की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे डायबिटीज के रोगियों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों ने विशेषकर मध्यम वर्ग को नई शक्ति दी है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर किसी को डायबिटीज हो जाता है तो उसे करीब 3,000 रुपए मासिक खर्च करना पड़ता है। जिन दवाओं की कीमत 100 रुपए है, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से हम उन्हें 10 से 15 रुपये में उपलब्ध करा रहे हैं। सभी के लिए सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं।

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि ‘अमृत काल' के दौरान लिए गए निर्णय और उठाए गए कदम आने वाली सहस्राब्दी को प्रभावित करेंगे। देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल आया है और नए आत्मविश्वास एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, हम भाग्यशाली हैं कि आजादी के अमृत काल में जी रहे हैं। इस अमृत काल में हम जो निर्णय लेंगे। हमारे कार्य और बलिदान अगली सहस्राब्दी के गौरवशाली इतिहास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस युग की घटनाएं अगली सहस्राब्दी को प्रभावित करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में ‘जनसांख्यिकी, लोकतंत्र और विविधता’ है। उन्होंने कहा कि इन तीनों में सभी सपनों को पूरा करने की क्षमता है। जबकि अन्य देश बूढ़े हो रहे हैं, भारत युवा है। हमारे यहां दुनिया में सबसे ज्यादा युवा हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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