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Covid-19 India: एक दिन में 23 मौतों ने डराया, देश में लगातार चौथे दिन 10 हजार से ज्यादा कोरोना मामले

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 16, 2023, 12:44 PM IST

CoronaVirus cases: देश में बढ़ते कोरोना मामले अब डराने लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात मौतों का बढ़ता आंकड़ा है। बीते 24 घंटों में 23 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है, जबकि एक दिन पहले 21 मौतें दर्ज की गई थीं।

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देश में कोरोना मामले

Photo : ANI

CoronaVirus cases: देश में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 10093 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। यह लगातार चौथा दिन है, जब देश में 10 हजार से ज्यादा कोरोना मामले एक दिन में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद देश में सक्रिय मरीजों की संख्या में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 57542 पहुंच गई है। यह कुल मामलों का 0.13 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में बीते 24 घंटों में 6248 मरीज कोरोना से ठीक भी हुए हैं। इसके बाद रिकवरी रेट 98.68 प्रतिशत पहुंच गया है।

एक दिन में 23 मौतों ने डराया

देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में उछाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बन रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में बीते 24 घंटों में 23 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है। इमसें दिल्ली में पांच, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तीन-तीन, कर्नाटक और महाराष्ट्र में दो-दो तथा हरियाणा, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड में एक-एक मरीज की मौत हुई है, जबकि केरल ने कोविड-19 से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले रोगियों की सूची में चार और नाम जोड़े हैं।जबकि, शनिवार को कोरोना के कारण 21 लोगों की मौत हुई थी।

दिल्ली में एक दिन में करीब 1400 मामले

दिल्ली में एक दिन में 1396 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। यह संख्या बीते 15 महीनों में सबसे ज्यादा है। इसी के साथ दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर बढ़कर 31.9 प्रतिशत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अब 4631 सक्रिय कोरोना मरीज हैं। वहीं एक दिन में कोरोना से पांच लोगों की मौत हुई है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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