Dr S Jaishankar ANI Interview in Hindi: केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलासा किया है कि उनके ब्यूरोक्रेट पिता को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सचिव पद से हटा दिया था। उन्हें राजीव गांधी के शासनकाल में भी सस्पेंड होना पड़ा था। यह वह दौर था तब पिता ब्यूरोक्रेसी में अपने करिअर को खत्म होता जैसा देख रहे थे।
समाचार एजेंसी एएनआई की स्मिता प्रकाश से खास बातचीत में उन्होंने बताया, "मेरे पिता भी नौकरशाह थे। वह सचिव बने थे, पर उन्हें उस पद से हटा दिया गया था। साल 1980 में जब इंदिरा गांधी फिर से चुनी गई थीं, तब वही पहले सेक्रेट्री थे, जिनको उन्होंने हटाया था...उन्होंने तब नौकरशाही में अपना करियर ठप देखा। उन्हें राजीव गांधी के कार्यकाल में भी निलंबित कर दिया गया था।"
नौकरशाह बनाम राजनेता की अपनी जिंदगी से जुड़े सवाल पर उन्होंने आगे बताया, "यह अलग किस्म की दुनिया है। यहां पर दूसरी जिम्मेदारियां हैं और बड़ा विजन है। मैं संसद की गैलरी में भले ही 40 साल से बैठ रहा हूं, पर अब सदन में अब वो वाला समय नहीं है।"
उनके मुताबिक, "पीएम मोदी ने मुझे कैबिनेट ज्वॉइन करने के लिए कहा था। मैं उनसे 2011 में पहली बार चीन में मिला था। वह तब वहां गुजरात के सीएम के नाते पहुंचे थे। मुझ पर तब उनका बड़ा इंप्रेशन बन गया था। 2011 तक मैंने कई मुख्यमंत्रियों को आते और जाते देखा, पर मैंने उनके जितना किसी को तैयार नेता नहीं देखा।"
विदेश मंत्री ने यह भी कहा- अक्सर यह नैरिटिव रहा है कि भारत सरकार डिफेंसिव मोड में रहती है...पर बताइ, किसने एलएसी पर सेना भेजी? राहुल गांधी ने तो नहीं भेजी न...नरेंद्र मोदी ने जवानों को वहां भेजा था। बकौल जयशंकर, "नैरेटिव्स को लेकर जंग है भी और होनी भी चाहिए। कई बार कुछ नैरेटिव्स हमें नुकसान पहुंचाने के लिए गढ़े जाते हैं। पर हमने ऐसे नैरेटिव्स को सामने रखा, जिससे लोग बेनकाब हुए।"
