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लाल डायरी से बेहद डरे हुए हैं अशोक गहलोत, क्योंकि इसमें काले कारनामे छुपे हुए हैं, बोले अमित शाह

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Aug 26, 2023, 03:53 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के गंगापुर में 'सहकार किसान सम्मेलन'में कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाना साधते हुए कहा कि वे लाल डायरी डर क्यों रहे हैं? क्योंकि लाल डायरी के अंदर काले कारनामे छुपे हुए हैं।

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गंगापुर में अमित शाह की रैली

राजस्थान के गंगापुर में 'सहकार किसान सम्मेलन' में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजकल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लाल डायरी से बेहद डरे हुए हैं लेकिन वे डर क्यों रहे हैं? लाल डायरी के अंदर काले कारनामें छुपे हुए हैं। लाल डायरी में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का ब्यौरा है। साथ ही शाह ने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे अंतरिक्ष मिशन को नई गति और ऊर्जा दी। आज मैं नारे लगाने वालों से कहना चाहता हूं कि नारे लगाने की बजाय चंद्रयान को आगे बढ़ाया होता तो नारे लगाने की नौबत नहीं आती।

अमित शाह ने कहा आजकल गहलोत साहब लाल डायरी से बहुत डर रहे हैं। क्यों डर रहे हैं भला, जरा बताओ तो राजस्थान वालों? डायरी का आगे का कलर लाल है, अंदर काले कारनामे छिपे हुए हैं। अरबों, करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का कच्चा-चिट्ठा, उस लाल डायरी के अंदर है। शाह ने कहा कि मैं गहलोत साहब से कहने आया हूं कि चंद लोग भेजकर नारे लगाने से कुछ नहीं होता, जरा भी शर्म बची है, तो लाल डायरी के मुद्दे पर इस्तीफा देकर चुनाव के मैदान में आइए हो जाए दो-दो हाथ। उन्होंने कहा कि घर में कोई भी डायरी हो, उसका रंग लाल मत रखना। गहलोत जी नाराज हो जाएंगे।

राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने 24 जुलाई को विधानसभा में कथित ‘लाल डायरी’ का मुद्दा उठाने की कोशिश की थी। इसके बाद सदन में ‘असहज दृश्यों’ के बीच उन्हें राज्य विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था। शाह के संबोधन की शुरुआत में कुछ लोग नारेबाजी करते दिखाई दिए थे। गृह मंत्री ने इसकी तरफ इशारा करते हुए बाद में कहा कि जो लोग नारे लगा रहे थे, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि कि नारे लगाने की जगह चंद्रयान को आगे बढ़ाया होता, तो आज नारे लगाने की नौबत नहीं आती। सहकारिता मंत्रालय बनाया होता, किसानों का कल्याण किया होता, तो आज नारे लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

सहकारिता मंत्री ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया, जबकि बीजेपी ने किसानों के लिए ढेर सारे काम किए और ढेर सारी योजनाएं लॉन्च कीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार थी, तो कृषि बजट 22 हजार करोड़ रुपये था, जिसे मोदी जी ने छह गुना बढ़ाकर एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये कर दिया। शाह ने कहा कि 75 साल से देश के किसान अलग सहकारिता मंत्रालय की मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी जी ने उस मांग को पूरा कर अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया। मोदी जी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, ढेर सारे ऐसे काम जो देश में कभी नहीं हुए, वे अब हो रहे हैं।

चंद्रयान-3 मिशन की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर हमारा चंद्रयान तिरंगा लहराते हुए पहुंच गया। समग्र देश में एक तरह से नयी ऊर्जा और नये विश्वास का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के रहस्य, रहस्य बने हुए थे। क्या दुनिया का कोई देश वहां पहुंच पाया। मोदी जी ने हमारे अंतरिक्ष मिशन को नयी गति, नयी ऊर्जा दी और आज भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार पहुंचने वाला देश बना है। यह समग्र देश के लिए गौरव का विषय है। इस अवसर पर लोकसभा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया और जसकौर मीणा, राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा तथा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी मौजूद थे।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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