कोलकाता में हर दूसरे तो मुंबई में पांचवें आदमी में मिल रहा है संक्रमण, दूसरी लहर से भी ज्यादा R वैल्यू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 6, 2022, 05:34 PM IST

Covid Cases In India: देश में पिछले 24 घंटे में 90 हजार से ज्यादा संक्रमण के मामले आए हैं। 63 जिले ऐसे हैं जहां पर पॉजिटिविटी रेट सबसे ज्यादा है।

 कोलकाता में हर दूसरे तो मुंबई में पांचवें आदमी में मिल रहा है संक्रमण, दूसरी लहर से भी ज्यादा R वैल्यू
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली:  ओमीक्रॉन अब अपना पूरा असर दिख रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 90 हजार से ज्यादा कोरोना के केस आ चुके हैं। एक जनवरी को जहां एक दिन में 22 हजार के करीब केस आए थे, वह 5 दिनों में 90 हजार के स्तर पर पहुंच गए हैं। साफ है कि देश में बेहद तेजी से कोरोना का संक्रमण फैल रहा है। 

इतनी तेजी से संक्रमण फैलने का ही असर है कि आर नॉट वैल्यू, दूसरी लहर से भी ज्यादा पहुंच गई है। इस समय आर नॉट वैल्यू 2.69 के स्तर पर है। यानी हर 100 संक्रमित व्यक्ति से 269 लोग संक्रमित हो रहे हैं। दूसरी लहर के दौरान आर नॉट वैल्यू 1.69 थी। 

ज्यादा आर नॉटवैल्यू का असर है कि टेस्टिंग के दौरान  कोलकाता में हर दूसरा व्यक्ति और मुंबई में हर पांचवा व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित मिल रहा है।

63 जिले में ज्यादा मिल रहे हैं संक्रमित

स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार देश में 63 जिले ऐसे हैं, जहां पर पॉजिटिविटी रेट 5 से ज्यादा है। परेशान करने वाली बात यह है कि ये 63 जिले देश के 26 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित है। यानी कोरोना संक्रमण, देश के सभी इलाकों में फिर तेजी से फैल रहा है।

इस जिले में 64.71 फीसदी पॉजिटिविटी रेट

हिमाचल प्रदेश का लाहौल एवं स्पीति ऐसा जिला है, जहां 30 दिसंबर 2021 से 5 जनवरी 2022 के बीच सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट पाया गया है। लाहौल एंड स्पीति में 64.71 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है। यानी हर 100 में से करीब 65 व्यक्ति संक्रमित पाए जा रहे हैं।

इसी तरह कोलकाता में 49.60 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है।  हावड़ा में 35 फीसदी, मुंबई उप नगरीय में 22.65 फीसदी, मुंबई में 20.70, गौतम बुद्ध नगर में 13.33 फीसदी, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 14.23 फीसदी, गुरग्राम में 13.75 फीसदी पॉजिटिविटी रेट पहुंच गया है।

रिकवरी रेट से राहत की उम्मीद

अलग-अलग स्टडी से जो बात सामने आ रही है, उसमें यह पता चलता ओमीक्रॉन वैरिएंट, डेल्टा के मुकाबले कम खतरनाक है। और इसके संकेत रिकवरी रेट से भी मिल रहे हैं। 6 जनवरी को सुबह 10 बजे तक रिकवरी रेट 97.81 फीसदी है। यानी 100 संक्रमित में से करीब 98 लोग ठीक हो जा रहे हैं। 

इसी बात की तस्दीक मेडिकल जर्नल लांसेट की रिपोर्ट भी करती है। दक्षिण अफ्रीका में ओमीक्रॉन वैरिएंट के असर पर की गई रिपोर्ट के अनुसार, गाउटेंग प्रांत में दूसरी लहर में  41,046 केस, तीसरी लहर में 33,423 और चौथी लहर में 133,551 केस सामने आए। लेकिन अच्छी बात यह रही है कि संक्रमण ज्यादा होने  के बावजूद अस्पतालों में भर्ती दर कम रही है। दूसरी लहर के दौरान 18.9 फीसदी, तीसरी लहरों के दौरान 13.7 फीसदी और चौथी लहर के दौरान केवल 4.9 फीसदी लोग भर्ती हुए है। 

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!