अरुणाचल से लापता हुए युवक को जल्द रिहा करेगी चीनी सेना! केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने ट्वीट कर कही अहम बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 26, 2022, 01:40 PM IST

अरुणाचल प्रदेश से लापता हुए युवक के बारे में केंद्रीय विधि तथा न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि चीनी सेना युवक को जल्द रिहा करेगी।

अरुणाचल से लापता हुए युवक को जल्द रिहा करेगी चीनी सेना! केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने ट्वीट कर कही अहम बात

नई दिल्ली: केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर कहा कि अरुणाचल प्रदेश के एक लापता किशोर को चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) जल्द ही रिहा कर सकती है। रिजिजू ने ट्वीट कर कहा, 'भारतीय सेना द्वारा चीनी पीएलए के साथ गणतंत्र दिवस पर हॉटलाइन का आदान-प्रदान किया गया। पीएलए ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और हमारे नागरिक को सौंपने का संकेत दिया और रिहाई की जगह का सुझाव दिया। वे जल्द ही तारीख और समय बता सकते है। इसमें हो रही देरी के लिए उन्होंने खराब मौसम की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है।'

मंगलवार को कही थी ये बात

इससे पहले मंगलवार को किरेन रिजिजू कहा था कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश के एक लापता किशोर का विवरण चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ साझा किया है ताकि उनकी हिरासत में रखे गए युवा की पहचान की पुष्टि की जा सके। उन्होंने कहा कि चीनी पक्ष ने 20 जनवरी को भारतीय सेना को बताया था कि उन्हें अपनी तरफ एक किशोर मिला है और उसकी पहचान स्थापित करने के लिए विवरण देने का अनुरोध किया।

सरकार है विपक्ष के निशाने पर

अरुणाचल प्रदेश से किशोर के लापता होने को लेकर राहुल गांधी सहित विभिन्न कांग्रेस नेताओं ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था। रिजिजू ने कहा, 'हम पहले दिन से ही लगातार मामले पर नजर रख रहे हैं। मैं सभी से ऐसे बयान देने में सतर्कता बरतने की अपील करता हूं जो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं क्योंकि हमारे अरुणाचल प्रदेश के युवा की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी प्राथमिकता है।' बयान के अनुसार 19 वर्षीय मिराम तारोन अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले से 18 जनवरी को लापता हो गया था। बयान के अनुसार कुछ लोगों ने बताया कि चीनी पीएलए ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया था।

रिजिजू ने कहा कि चूंकि वह किशोर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास के क्षेत्र से लापता था, इसलिए भारतीय सेना ने तत्काल 19 जनवरी को चीनी पक्ष से संपर्क किया और उसका पता लगाने और यदि वह चीनी क्षेत्र में भटक गया था या पीएलए ने उसे अपनी हिरासत में लिया तो उसकी वापसी में सहायता मांगी। उन्होंने कहा कि चीनी पक्ष ने आश्वासन दिया था कि वे किशोर की तलाश करेंगे और स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार उसे वापस कर देंगे।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!