राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने दावा किया है कि सबके पूर्वज समान हैं। हम कुछ भी कहें, पर विज्ञान बताता है कि 40 हजार साल से हमारा डीएनए एक समान है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपनी धार्मिक पूजा, भाषा, खान-पान और रीति-रिवाज पर पक्के रहना चाहिए।
मंगलवार (15 नवंबर, 2022) को संघ प्रमुख ने बताया, "हम सबके पूर्वज समान हैं। आज का विज्ञान डीएनए मैपिंग की बात कहता है। आज हमें कुछ भी लगे...हम यह कहें कि 'नहीं, हम अलग-अलग हैं।' हम ऐसे हैं या वैसे हैं। पर विज्ञान कहता है कि 40,000 साल पहले से जो अखंड भारत था, काबुल के पश्चिम से छिंदविन नदी की पूर्व तक और तिब्बत के उत्तर यानी चीन की तरफ की ढलान से श्रीलंका के दक्षिण तक जो मानव समूह आज है उनका डीएनए 40,000 वर्षों से समान डीएनए है।"
उन्होंने इसी में आगे जोड़ते हुए कहा- यानी तब से हमारे पूर्वज समान हैं और हमको उन्होंने यही सिखाया है कि अपनी-अपनी पूजा है, उस पर पक्के रहो। अपनी-अपनी भाषा है, उसे बोलो। अपना-अपना खान-पान और रीति-रिवाज है, हम जहां रहते हो वहां के हिसाब से...उस पर भी पक्के रहो।
