विश्व थायराइड दिवस (25 मई) के दिन दुनिया भर में मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य थायराइड के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना है। शरीर में थायराइड हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने से मोटापा, सूखापन, तनाव और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि थायराइड के कारण आपकी आंखों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। जी हां थायराइड का बिगड़ा संतुलन हमारी आंखों की सेहत को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। थायराइड के कारण होने वाली आंखों की बीमारी को "थायराइड आई डिजीज" के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी की गंभीरता इस बात से और भी बढ़ जाती है कि इस बीमारी का पता हमें आसानी से नहीं चलता है। आपको बता दें कि ‘थायराइड आई डिजीज’ यानी TED एक ऑटोइम्यून रोग है, जो हाइपरथायराइडिज्म से पीड़ित लोगों में देखने को मिलता है। आज विश्व थायराइड दिवस के मौके पर इस रोग को समझने के लिए हमने बात की यशोदा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबिटीज विशेषज्ञ, डॉ. सोमनाथ गुप्ता से...
क्या है थायराइड आई डिजीज? - What is Thyroid Eye Disease
डॉ. सोमनाथ गुप्ता बताते हैं कि, थायराइड आई डिजीज या TED एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली आंखों के हेल्दी टिश्यू को बाहरी समझकर गलती से आंखों के हेल्दी टिश्यू पर हमला करती है। जिससे आंखों में सूजन और कभी-कभी आंखों आगे की ओर दिखने लगती हैं। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति की आंखें उभरी हुई दिखाई देती हैं। थायराइड आई डिजीज के पीछे कारण TED ग्रेव्स रोग होता है। जो अपने आप में एक प्रतिरक्षा विकार है। ग्रेव्स रोग शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को थायरॉयड ग्रंथि पर हमला करने के लिए मजबूर करता है। जिससे शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन ज्यादा होने लगता है। इस कंडीशन को हाइपरथायरायडिज्म के नाम से जाना जाता है।
थायराइड आई डिजीज के लक्षण - Symptoms of Thyroid Eye Disease
डॉ. सोमनाथ गुप्ता की मानें तो, थायराइड आई डिजीज (TED) रोग सामान्य या कम सक्रिय थायराइड फंक्शन वाले लोगों में नहीं हो सकता है। थायराइड आई डिजीज के विशेष लक्षणों में लाल, किरकिरी या सूखी आंखें, आंखों में सूजन, आंखों में दर्द या दबाव, दोहरी दृष्टि, आंखों को हिलाने में कठिनाई और गंभीर मामलों में रोशनी खत्म होना शामिल है। एलर्जी या नेत्रश्लेष्मलाशोथ के विपरीत, थायराइड आई डिजीज में आंखों में आमतौर पर खुजली और चिपचिपा पानी नहीं निकलता है। लेकिन आंख के पीछे दर्द और आंखों की रोशनी कम होने के लक्षण दिखने लगते हैं।
थायराइड आई डिजीज के कारण - Causes of Thyroid Eye Disease
डॉ. सोमनाथ गुप्ता ने बताया कि थायराइड आई डिजीज के कारणों में धूम्रपान, थायराइड रोग का पारिवारिक इतिहास, शरीर में सेलेनियम की कमी और रेडियो आयोडीन थेरेपी जैसे कारण शामिल हैं। वहीं इस रोग से महिलाएं अधिक प्रभावित होती हैं, क्योंकि खासकर महिलाओं का थायराइड हार्मोन लेवल ज्यादा अनियंत्रित होता है। इसके अलावा ऑटोइम्यून रोग होने का खतरा भी महिलाओं को ज्यादा होता है। जो थायराइड की समस्या की एक बड़ी वजह साबित होता है।
थायराइड आई डिजीज से बचाव के उपाय - How To Prevent from Thyroid Eye Disease
डॉ. सोमनाथ गुप्ता की मानें तो, थायराइड आई डिजीज के निदान में सूजन का आकलन करने और ऑप्टिक तंत्रिका की भागीदारी को खारिज करने के लिए रक्त परीक्षण और सीटी या एमआरआई जैसे टेस्ट शामिल है। हालांकि थायराइड आई डिजीज की प्रारंभिक पहचान भी आवश्यक है, क्योंकि TED को सामान्य आंख की परेशानी समझना बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। थायराइड आई डिजीज के हल्के मामलों को कृत्रिम आँसू के द्वारा ठीक किया जा सकता है, जबकि गंभीर थायराइड आई डिजीज के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड, विकिरण या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। थायराइड हार्मोन के स्तर को प्रबंधित करने और रोग की प्रगति को कम करने के लिए विशेषज्ञ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। हालांकि थायराइड आई डिजीज का अभी तक कोई इलाज नहीं है, लेकिन समय पर थायराइड के स्तर को कंट्रोल करके रोग से निजात पाई जा सकती है।
