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World Photography Day 2026: 'आपकी मर्जी चाहे जिस नजर से देखिए..', पढ़ें तस्वीरों पर लिखी खूबसूरत शायरियां

World Photography Day 2026, Shayari (तस्वीर पर शायरी): फोटोग्राफी किसी खास पल को पहचानने और उसे ऐसी तस्वीर में बदलने की कला है, जो समय बीतने के बाद भी अपनी कहानी कहती रहे।

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वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर पढ़ें तस्वीरें पर लिखे बेहतरीन शेर (Photo: iStock)

World Photography Day 2026: आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है। साल 1839 में आज ही के दिन यानी 19 अगस्त को फ्रांस की सरकार ने डैगेरियोटाइप नाम की फोटोग्राफी टेक्नीक को दुनिया के सामने पेश किया था। इसे फ्रांसीसी कलाकार और फोटोग्राफर लुई डागेर ने बनाया था। शुरुआती दौर में तस्वीरें खींचना आसान काम नहीं था। कैमरे बड़े होते थे। प्रक्रिया लंबी होती थी। एक तस्वीर के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। आज स्मार्टफोन ने फोटोग्राफी की दुनिया को पूरी तरह से बदल दिया है।

फोटोग्राफी किसी खास पल को पहचानने और उसे ऐसी तस्वीर में बदलने की कला है, जो समय बीतने के बाद भी अपनी कहानी कहती रहे। किसी पुराने घर की तस्वीर हमें बीते समय में ले जाती है। किसी बच्चे की मुस्कुराती तस्वीर चेहरे पर खुशी ला देती है। किसी जंग की तस्वीर हमें हिंसा का दर्द महसूस कराती है। इन्हीं तस्वीरों की दुनिया पर तमाम शायरों ने कई खूबसूरत शेर भी लिखे हैं। आइए देखें तस्वीरों पर शायरी हिंदी में:

Tasveer par Shayari (तस्वीर पर शायरी)

1. अपनी तस्वीर बनाओगे तो होगा एहसास

कितना दुश्वार है ख़ुद को कोई चेहरा देना

- अज़हर इनायती

2. भेज दी तस्वीर अपनी उन को ये लिख कर 'शकील'

आप की मर्ज़ी है चाहे जिस नज़र से देखिए

- शकील बदायूनी

3. लगता है कई रातों का जागा था मुसव्विर

तस्वीर की आंखों से थकन झांक रही है

- अज्ञात

4. रंग दरकार थे हम को तिरी ख़ामोशी के

एक आवाज़ की तस्वीर बनानी थी हमें

- नाज़िर वहीद

5. आ कि मैं देख लूं खोया हुआ चेहरा अपना

मुझ से छुप कर मिरी तस्वीर बनाने वाले

- अख़्तर सईद ख़ान

6. तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत

हम जहाँ में तिरी तस्वीर लिए फिरते हैं

- इमाम बख़्श नासिख़

7. अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे

मिरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले

- सालिम सलीम

8. उठाओ कैमरा तस्वीर खींच लो इन की

उदास लोग कहाँ रोज़ मुस्कुराते हैं

- मालिकज़ादा जावेद

9. तिरी तस्वीर तो वादे के दिन खिंचने के क़ाबिल है

कि शर्माई हुई आंंखें हैं घबराया हुआ दिल है

- नज़ीर इलाहाबादी

10. ज़िंदगी भर के लिए रूठ के जाने वाले

मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ

- क़ैसर-उल जाफ़री

विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर आप चाहें तो ये शायरियां अपने किसी करीबी को भेज सकते हैं। आप इन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर भी कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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