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World Malaria Day: मलेरिया से नवजात को खतरा क्यों ज्यादा होता है, मलेरिया से नवजात की सुरक्षा कैसे करें - डॉक्टर से जानिए

World Malaria Day: मच्छरों से शिशुओं को हमेशा ज्यादा बचाकर रखने की सलाह दी जातीहै, क्योंकि नवजात शिशुओं में मलेरिया ज्यादा खतरनाक होता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं यह क्यों खतरनाक है और शिशु को कैसे बचाएं।

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मलेरिया से नवजात की सुरक्षा कैसे करें - डॉक्टर से जानिए

World Malaria Day: क्या आप जानते हैं मलेरिया सिर्फ एक आम बीमारी नहीं, बल्कि छोटे बच्चों और खासकर नवजात के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। अक्सर हम सोचते हैं कि इतने छोटे बच्चों को मलेरिया कैसे हो सकता है, लेकिन सच ये है कि उनकी बॉडी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं होती, इसलिए वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।

यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन डॉ. सत्यप्रिया साहू के मुताबिक, नवजात में मलेरिया के लक्षण इतने हल्के होते हैं कि कई बार समझ ही नहीं आता कि समस्या क्या है। यही वजह है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चे के लिए भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम इसके बारे में सही जानकारी रखें और समय रहते बचाव करें।

नवजात में मलेरिया ज्यादा खतरनाक क्यों होता है - Newborn Malaria Risk

डॉ. सत्यप्रिया साहू बताते हैं कि नवजात बच्चों की इम्यूनिटी अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती। ऐसे में अगर मलेरिया का संक्रमण हो जाए, तो उनका शरीर उससे ठीक से लड़ नहीं पाता। यही कारण है कि बीमारी जल्दी गंभीर रूप ले सकती है और बच्चे को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है।

बच्चे तक मलेरिया पहुंचता कैसे है

नवजात में मलेरिया दो तरीकों से पहुंच सकता है। पहला, अगर मां को गर्भावस्था के दौरान मलेरिया हुआ हो, तो ये संक्रमण बच्चे तक पहुंच सकता है। इसे कंजेनिटल मलेरिया कहा जाता है। दूसरा, जन्म के बाद मच्छर के काटने से भी बच्चा संक्रमित हो सकता है। इसलिए दोनों ही समय सावधानी जरूरी है।

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

नवजात में मलेरिया के लक्षण बहुत सामान्य लगते हैं, जैसे हल्का बुखार, सुस्ती, दूध कम पीना या ज्यादा सोना। लेकिन अंदर ही अंदर ये बीमारी गंभीर असर डाल सकती है। डॉ. साहू के अनुसार, इससे खून की कमी, पीलिया और गंभीर संक्रमण जैसी स्थिति बन सकती है, जो जानलेवा भी हो सकती है।

गर्भावस्था में सावधानी क्यों जरूरी है

मलेरिया से बचाव की शुरुआत मां से ही होती है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान सही समय पर जांच और इलाज हो जाए, तो बच्चे में संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। इसलिए नियमित चेकअप और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

नवजात को मच्छरों से कैसे बचाएं

जन्म के बाद बच्चे को मच्छरों से बचाना सबसे जरूरी है। इसके लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, बच्चे को ढके हुए कपड़े पहनाएं और घर के आसपास पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि यही मच्छरों को पनपने से रोकता है।

समय पर इलाज से बच सकती है जान

अगर बच्चे में कोई भी असामान्य लक्षण दिखें, तो देर करने की बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉ. सत्यप्रिया साहू का कहना है कि अगर समय रहते पहचान और इलाज हो जाए, तो मलेरिया के गंभीर असर से बच्चे को बचाया जा सकता है।

थोड़ी सी जागरूकता और सही समय पर उठाया गया कदम आपके नवजात को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकता है। World Malaria Day पर यही संकल्प लें कि हम अपने बच्चों को मलेरिया से बचाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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