Aortic Dissection: अचानक सीने में दर्द उठते ही ज्यादातर लोगों के मन में पहला ख्याल हार्ट अटैक का आता है। लेकिन सीने में होने वाला हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता। कभी-कभी यह एओर्टिक डिसेक्शन (Aortic Dissection) जैसी गंभीर और जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी का संकेत भी हो सकता है। यह स्थिति शरीर की सबसे बड़ी धमनी एओर्टा की अंदरूनी परत में आई दरार के कारण होती है। हार्ट अटैक और एओर्टिक डिसेक्शन के लक्षण (Aortic Dissection vs Heart Attack) कुछ हद तक एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन दोनों का कारण और इलाज बिल्कुल अलग होता है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन Dr. Vikram Reddy Aerra से समझें इनके बीच का अंतर।
हार्ट अटैक और एओर्टिक डिसेक्शन में अंतर
हार्ट अटैक तब होता है जब किसी रक्त वाहिका में ब्लॉकेज के कारण हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। वहीं, एओर्टिक डिसेक्शन में एओर्टा की अंदरूनी परत में अचानक दरार पड़ जाती है। इसके बाद रक्त धमनी की परतों के बीच पहुंचकर उन्हें अलग करने लगता है।यानी आसान भाषा में समझें तो हार्ट अटैक मुख्य रूप से ब्लॉकेज की समस्या है, जबकि एओर्टिक डिसेक्शन धमनी की दीवार में होने वाला एक गंभीर चीरा या फटाव है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- क्या है एओर्टिक डिसेक्शन? सीने के दर्द समेत ये 5 लक्षण दिखें तो रहें सतर्क
सीने के दर्द से समझें दोनों का अंतर
इन दोनों स्थितियों में दर्द की प्रकृति एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है, हालांकि केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी की पहचान नहीं करनी चाहिए। हार्ट अटैक में दर्द अक्सर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। सीने में दबाव, भारीपन, जकड़न या निचोड़ने जैसा महसूस हो सकता है और यह कुछ मिनटों में ज्यादा तीव्र हो सकता है। दर्द बाएं हाथ, कंधे, गर्दन या जबड़े तक भी फैल सकता है।
इसके विपरीत एओर्टिक डिसेक्शन में दर्द अक्सर अचानक और बेहद तेज शुरू होता है। कई लोगों को यह दर्द चीरने या फटने जैसा महसूस हो सकता है। यह पीठ, गर्दन या पेट तक फैल सकता है और कुछ मामलों में ऐसा लग सकता है कि दर्द शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से की ओर बढ़ रहा है।
इन संकेतों पर जरूर दें ध्यान
एओर्टिक डिसेक्शन में सिर्फ सीने का दर्द ही संकेत नहीं होता। एओर्टा से निकलने वाली रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह प्रभावित होने पर शरीर के दूसरे हिस्सों में भी अचानक लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- एक हाथ या पैर की नाड़ी दूसरे की तुलना में कमजोर महसूस होना
- दोनों हाथों के ब्लड प्रेशर में असामान्य अंतर
- अचानक कमजोरी या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन
- बोलने में अचानक परेशानी
- बेहोशी या चेतना खोना
- अचानक बहुत तेज पेट दर्द
- चलने में अचानक कठिनाई
ऐसे लक्षण इसलिए हो सकते हैं क्योंकि एओर्टिक डिसेक्शन रक्त के प्रवाह को मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी या हाथ-पैर तक पहुंचने से प्रभावित कर सकता है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- पूरे परिवार को कर देंगी बीमार, घर से इन 8 चीजों को निकाल फेंकने की सलाह देते हैं डॉक्टर सौरव सेठी
हार्ट अटैक और एओर्टिक डिसेक्शन में भ्रम क्यों होता है?
सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना और अचानक बेचैनी जैसी शिकायतें दोनों स्थितियों में हो सकती हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि समस्या हार्ट अटैक है या एओर्टिक डिसेक्शन।
डॉक्टर आमतौर पर जांचों की मदद से दोनों के बीच अंतर करते हैं। हार्ट अटैक में ईसीजी (ECG) में बदलाव दिखाई दे सकते हैं, जबकि एओर्टिक डिसेक्शन में ईसीजी हमेशा उसी तरह के बदलाव नहीं दिखाता। इसी तरह हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों को हुए नुकसान से जुड़े रक्त परीक्षण सामान्यतः बढ़ सकते हैं। एओर्टिक डिसेक्शन की पुष्टि के लिए कई मामलों में सीटी एंजियोग्राफी/सीटी स्कैन जैसी इमेजिंग जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एओर्टिक डिसेक्शन का खतरा
एओर्टिक डिसेक्शन किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियां इसका जोखिम बढ़ा सकती हैं। इनमें लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, एओर्टिक एन्यूरिज्म, मार्फन सिंड्रोम जैसी कुछ आनुवंशिक कनेक्टिव टिश्यू बीमारियां, बाइसीपिड एओर्टिक वाल्व और धूम्रपान शामिल हैं। उम्र बढ़ने के साथ, खासकर 60 वर्ष से अधिक उम्र में, जोखिम भी बढ़ सकता है। अचानक बहुत ज्यादा शारीरिक दबाव या अत्यधिक वजन उठाने जैसी गतिविधियां भी कुछ लोगों में जोखिम बढ़ा सकती हैं, विशेषकर यदि पहले से एओर्टा से जुड़ी समस्या मौजूद हो।
कैसे होता है इलाज
हार्ट अटैक और एओर्टिक डिसेक्शन का इलाज बिल्कुल अलग तरीके से किया जाता है। हार्ट अटैक में ब्लॉकेज हटाने और हृदय तक रक्त प्रवाह बहाल करने के लिए दवाओं या एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं एओर्टिक डिसेक्शन में रक्तचाप और हृदय की धड़कन को नियंत्रित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। डिसेक्शन एओर्टा के किस हिस्से में है और कितना गंभीर है, इसके आधार पर आपातकालीन सर्जरी या अन्य उपचार की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए सही बीमारी की जल्द पहचान बेहद महत्वपूर्ण है।
अचानक समस्या तो क्या करें?
सीने या पीठ में अचानक शुरू हुआ बेहद तेज दर्द, खासकर अगर वह चीरने या फटने जैसा हो, पीठ या पेट तक फैल रहा हो या उसके साथ बेहोशी, कमजोरी, सुन्नपन या बोलने में परेशानी जैसे लक्षण हों, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में खुद यह तय करने की कोशिश न करें कि यह हार्ट अटैक है या एओर्टिक डिसेक्शन। तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। दोनों स्थितियों में समय पर जांच और सही उपचार महत्वपूर्ण है। जितनी जल्दी सही कारण का पता चलता है, उतनी जल्दी जरूरी इलाज शुरू किया जा सकता है।
