Dog Bite: देशभर में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। आए दिन कुत्ता काटने के मामले सामने आते रहते हैं। कुछ समय पहले गाजियाबाद से कुत्ते के काटने का चौंकाने वाला मामला सामने आया था जिसने सभी के रोंगटे खड़े कर दिए थे। दरअसल कुत्ते के काटने से बच्चे को रेबीज हो गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले के बाद से कई लोगों के मन में ये सवाल है कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए जिससे रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सके। रेबीज को हाइड्रोफोबिया भी कहा जाता है। कई बार लोग कुत्ते काटने के मामले में काफी लापरवाही करते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आपके मन में भी ये सवाल है कि कुत्ता के काटने के बाद क्या करना चाहिए तो आज हम आपको बताएंगे कि कुत्ता के काटने के तुरंत बाद क्या करना चाहिए।
कुत्ता काटने के बाद सबसे पहला काम क्या करना चाहिए? - What is the first thing to be done after a dog bite?
अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया है तो सबसे पहले जिस स्थान पर कुत्ते ने काटा है उस जगह को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। फिर वहां तुरंत जीवाणुरहित पट्टी (sterile bandage) लपेटें। घाव पर पट्टी को अच्छे से बांधे और तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले जाएं।
कुत्ता काटने के बाद First aid क्या है?
अगर आपको या फिर किसी भी व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया है तो फर्स्ट एड के तौर पर आपको उसे घाव को 15 मिनट तक धोएं। इसके बाद इसपर पट्टी बांधे और फिर नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
कुत्ते के काटने के घरेलू उपाय करें या नहीं?
कुत्ते के काटने पर कोई घरेल उपाय काम नहीं करता है। ऐसे में ऐसा करने से बचें क्योंकि ये खतरनाक साबित हो सकता है। घरेलू उपाय की जगह तुरंत मरीज को डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
कुत्ता काटने के कितने घंटे के अंदर इंजेक्शन लगवाना चाहिए?
कुत्ता काटने के 24 घंटे के अंदर ही इंजेक्शन लगवाएं। इसके 5 इंजेक्शन लगते हैं। इंजेक्शन के डोज की अवधि भी होती है। इस बीच में ही आपको इंजेक्शन की डोज लेनी होगी। पहले इंजेक्शन लगने के तीसरे दिन दूसरा इंजेक्शन लगता है फिर सातवें दिन इंजेक्शन लगता है और उसके बाद 14वें दिन और लास्ट में 28 में दिन इंजेक्शन लगना जरूरी है।
कितने दिनों में दिखते हैं रेबीज के लक्षण ?
कुत्ता काटने के एक से तीन महीने के बीच रेबीज के लक्षण दिखाई देते हैं। रेबीज के लक्षणों में मांसपेशियों में दर्द, बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मानसिक संतुलन का बिगड़ना दिखाई देते हैं।
