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मंकीपॉक्स के बाद अब छाया 'Sloth Fever' का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

मंकीपॉक्स का खतरा अभी टला नहीं था कि एक और खतरनाक बीमारी ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। जी हां हाल ही में स्लॉथ फीवर के मामले सामने आए हैं। आइए जानते हैं क्या है ये रोग और कैसे करें इससे बचाव?

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sloth fever

Photo : iStock

दुनिया भर में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जिसने दुनिया के कई देशों में अपने पैर पसार दिए है। अफ्रीकी देश कांगो में इससे 600 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मंकीपॉक्स के खतरे को देखते हुए चेतावनी जारी की है। लेकिन हाल ही में आई खबर के मुताबिक अमेरिका से एक नए वायरस की चेतावनी सामने आ रही है। जी हां अमेरिका में स्लॉथ फीवर का मामला सामने आया है। जो लोगों में चिंता का कारण बना हुआ है। आइए जानते हैं क्या है ये मामला जानते हैं विस्तार से...

क्या है स्लॉथ फीवर? (What is Sloth Fever)

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो स्लॉथ फीवर का कारण ओरोपोच वायरस है। जो मिड्स नाम के कीड़े के काटने से फैलता है। यह वायरस कुछ विशेष मच्छरों और कीड़ों में पहले से ही मौजूद होता है। जो किसी इंसान को काटने पर लोगों को बीमार करने की वजह बन जाता है। हालांकि इस वायरस के लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया आदि के समान होते हैं। लेकिन इसके लक्षणों को दिखने में समय लग सकता है।

स्लॉथ फीवर के लक्षण - Symptoms of Sloth Fever in Hindi

  • इसमें आपको तेज बुखार हो सकता है।
  • इससे संक्रमण होने पर आपकी आंखों और सिर में तेज दर्द हो सकता है।
  • शरीर पर चकत्ते होना और हाथ-पैरों में खुजली की समस्या हो सकती है।
  • मांसपेशियों में तेज दर्द का कारण ये वायरस का संक्रमण हो सकता है।
  • जॉइंट पेन इस वायरस के संक्रमण का प्रमुख लक्षण है।

स्लॉथ फीवर से बचने के उपाय - Prevention tips from sloth Fever

  1. मच्छरों को पनपने से रोकें।
  2. घर से बाहर निकलते समय फुल स्लीव्स के कपड़े पहनें।
  3. संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाने की कोशिश करें।
  4. भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
  5. किसी तरह का लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट - स्लॉथ फीवर एक नए तरह का बुखार है, जिसका पहला मामला अमेरिका में रिपोर्ट किया गया है। लेख में बताए गए लक्षणों को पहचान कर आप इससे बचाव के उपाय फॉलो कर सकते हैं। हालांकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूरी है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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