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गर्मियों में तेजी से फैल रहा फूड पॉइजनिंग, क्या है इसकी असली वजह, Heatwave के साथ क्यों बन रही है बड़ी समस्या

Summer Stomach Infection: गर्मियों में फूड पॉइजनिंग के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। क्या लू यानी हीटवेव इसका बड़ा कारण है? जानें क्यों गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है, कैसे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं इन्फेक्शन।

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गर्मियों में तेजी से फैल रहा फूड पॉइजनिंग, क्या है इसकी असली वजह

Summer Stomach Infection: गर्मी का मौसम आते ही एक दिक्कत जो हर साल सुनने को मिलती है, वो है फूड पॉइजनिंग। लेकिन इस बार मामला थोड़ा ज्यादा गंभीर लग रहा है। तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू यानी हीटवेव ने इसे और भी आम बना दिया है। कई लोगों को बिना ज्यादा बाहर का खाना खाए भी पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी परेशानी हो रही है। दरअसल, गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है और हमें पता भी नहीं चलता। ऊपर से शरीर में पानी की कमी और कमजोर होती इम्यूनि:टी इस समस्या को और बढ़ा देती है। डॉक्टर भी बार-बार यही सलाह दे रहे हैं कि इस मौसम में खाने-पीने को लेकर जरा भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर गर्मियों में फूड पॉइजनिंग इतनी तेजी से क्यों फैल रही है।

गर्मी में खाना क्यों बन जाता है ‘खतरे वाला’ (Food Poisoning)

गर्मियों में तापमान बढ़ते ही खाने में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। खासकर अगर खाना कुछ घंटों के लिए भी बाहर रह जाए, तो वो धीरे-धीरे खराब होने लगता है। समस्या ये है कि कई बार हमें दिखने या सूंघने से भी इसका अंदाजा नहीं होता, लेकिन अंदर ही अंदर वो शरीर के लिए नुकसानदेह बन चुका होता है।

क्या हीटवेव बढ़ा रही है परेशानी

जब तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है, यानी गर्म हवाएं (हीटवेव) जैसी स्थिति बनती है, तो खाने के खराब होने की रफ्तार और तेज हो जाती है। दूध, दही, पका हुआ खाना या नॉन-वेज चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। यही वजह है कि इस समय फूड पॉइजनिंग के केस अचानक बढ़ जाते हैं।

कमजोर इम्यूनिटी भी बन रही वजह

गर्मियों में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है। इससे शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत कम हो जाती है। ऐसे में अगर थोड़ा भी खराब खाना खा लिया जाए, तो शरीर तुरंत रिएक्ट करता है और पेट से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

बाहर का खाना और खुला फूड ज्यादा रिस्की

गर्मी के मौसम में बाहर का खाना, खासकर जो खुले में रखा होता है, ज्यादा जल्दी खराब होता है। सड़क किनारे मिलने वाले फूड में धूल, गर्मी और बैक्टीरिया का असर ज्यादा होता है। ऐसे खाने से पेट खराब होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

छोटी-छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी

हाथ धोए बिना खाना खाना, सब्जियों को ठीक से न धोना या बासी खाना खा लेना—ये छोटी गलतियां भी फूड पॉइजनिंग की वजह बन सकती हैं। गर्मी में साफ-सफाई को नजरअंदाज करना सीधे सेहत पर असर डालता है।

बचाव आसान है

इस मौसम में सबसे अच्छा तरीका है कि ताजा और घर का बना खाना खाएं। पानी भरपूर पिएं, खाने को ढककर रखें और फ्रिज में सही तरीके से स्टोर करें। कोशिश करें कि बाहर का खाना कम खाएं। थोड़ी सी सावधानी आपको इस परेशानी से दूर रख सकती है।

गर्मी का मौसम सिर्फ धूप और पसीने की परेशानी नहीं लाता, बल्कि सेहत के लिए भी कई खतरे साथ लाता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव लाएं और अपने खान-पान का खास ध्यान रखें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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