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नसों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे सुरों के सरताज सोनू निगम, जानें क्या हैं बीमारी के लक्षण और इलाज

Sonu Nigam Pinched Nerve: भारतीय संगीत जगत के सितारे सोनू निगम इन दिनों नसों से जुड़ी एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। जानें क्या है नसों से जुड़ी ये बीमारी क्या है इसके लक्षण और बचाव के उपाय...

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सोनू निगम को हुई नसों की समस्या

Sonu Nigam Pinched Nerve: भारतीय संगीत जगत की सबसे सुरीली और दमदार आवाजों में से एक सोनू निगम इन दिनों अपनी सेहत को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी जादुई आवाज और मंच पर अपनी ऊर्जा से लाखों दिलों पर राज करने वाले सोनू एक बेहद दर्दनाक मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में खुलासा किया कि वह पिन्च्ड नर्व (Pinched Nerve) यानी नस दबने की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इस बीमारी के कारण वे लगातार असहनीय दर्द का सामना कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों से लगातार अस्पतालों के चक्कर, मेडिकल जांच और कड़े इलाज की प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं। लेकिन दर्द पर भारी पड़ता उनका यह 'शो मस्ट गो ऑन' वाला जज्बा सोशल मीडिया पर फैंस का दिल जीत रहा है और हर कोई उनकी इस हिम्मत को सलाम कर रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं क्या है ये रोग और कैसे हैं इसके लक्षण और क्या है इलाज?

क्या है Pinched Nerve की समस्या

पिन्च्ड नर्व ऐसी स्थिति है जब शरीर की किसी नस पर आसपास की हड्डी, मांसपेशी, टेंडन या अन्य ऊतकों का दबाव बढ़ जाता है। इस दबाव के कारण नस सही तरीके से काम नहीं कर पाती और दर्द, सुन्नपन या कमजोरी जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। यह समस्या शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन गर्दन, पीठ और रीढ़ की हड्डी के आसपास सबसे अधिक देखने को मिलती है।

इस कंडीशन में दिखने वाले लक्षण

नस दबने की स्थिति में कई तरह के लक्षण सामने आ सकते हैं। इनमें प्रभावित हिस्से में लगातार दर्द, झुनझुनी महसूस होना, हाथ-पैरों में सुन्नपन, मांसपेशियों में कमजोरी और कभी-कभी जलन जैसा एहसास होना भी शामिल है। इसके अलावा कुछ लोगों को दर्द इतना अधिक होता है कि उनकी रोजमर्रा की एक्टिविटी भी प्रभावित होने लगती हैं।

सोनू निगम ने भी बताया कि उन्हें लगातार दर्द का सामना करना पड़ रहा है और फिजियोथेरेपी के दौरान काफी तकलीफ हो रही है। यह दर्शाता है कि गंभीर मामलों में यह समस्या व्यक्ति की सामान्य जीवनशैली को भी प्रभावित कर सकती है।

इन कारणों से हो सकती है ये समस्या

मॉडर्न लाइफस्टाइल में लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का उपयोग भी गर्दन और पीठ पर असर डालता है, जिससे इस तरह की समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा भी कई और कारण हैं जो इस समस्या के बढ़ने की वजह बन सकते हैं। जैसे-

  • गलत पोस्चर- घंटों तक कंप्यूटर या मोबाइल के सामने गलत तरीके से बैठना।
  • उम्र का बढ़ना- बढ़ती उम्र के साथ रीढ़ की हड्डी और जोड़ों में आने वाले बदलाव।
  • एक जैसा मूवमेंट- बार-बार एक ही तरह की शारीरिक गतिविधि करना या अचानक कोई भारी वजन उठा लेना।
  • चोट लगना- किसी दुर्घटना या खेल के दौरान लगी चोट के कारण नस का दब जाना।

कैसे होता है इलाज

पिन्च्ड नर्व का इलाज उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इस समस्या के शुरुआती मामलों में रेस्ट करना, फिजियोथेरेपी और दर्द कम करने वाली दवाओं की मदद से राहत मिल सकती है। डॉक्टर मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं भी दे सकते हैं, जिससे नस पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और आपको राहत महसूस होती है।

सोनू निगम ने भी बताया कि वह दर्द कम करने वाली दवाएं ले रहे हैं और फिजियोथेरेपी करा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मसल रिलैक्सेंट दवाओं का असर उनकी आवाज पर पड़ा है और उनका गला थोड़ा भारी हो गया है। हालांकि इस समस्या के गंभीर मामलों में डॉक्टर इंजेक्शन थेरेपी या सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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