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40 की उम्र के बाद न करें ये 4 गलतियां, फेमस हार्ट सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने दी अहम सलाह

40 की उम्र के बाद शरीर को स्वस्थ रखने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अपनी जीवनशैली में ये छोटे-छोटे सुधार करके आप आने वाले दशकों में एक लंबा और निरोगी जीवन जी सकते हैं।

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40 की उम्र पार करते ही हो जाएं अलर्ट (Photo: iStock)

40 की उम्र पार करते ही हमारे शरीर की जरूरतें, मेटाबॉलिज्म और बीमारियां पनपने का जोखिम काफी बदल जाता है। इस उम्र में छोटी-छोटी लापरवाहियां भी आगे चलकर दिल की बीमारियों, कैंसर या क्रॉनिक हेल्थ प्रॉब्लम्स का रूप ले सकती हैं। अमेरिका के प्रसिद्ध हार्ट सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने अपने सोशल मीडिया के जरिए 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए चार ऐसी आम गलतियों के बारे में आगाह किया है, जिनसे हर हाल में बचना चाहिए।

फैड डाइट और क्रैश डाइटिंग का चक्कर

उम्र बढ़ने के साथ वजन घटाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, जिसके चलते लोग अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने वाली 'फैड डाइट' या किसी एक खास तरह के सख्त डाइट प्लान की ओर रुख करते हैं।

डॉ. जेरेमी लंदन के अनुसार, बिना किसी मेडिकल सलाह के बहुत तेजी से वजन घटाने वाली डाइट्स शरीर के लिए घातक साबित हो सकती हैं। ये डाइट्स शरीर में पोषण की भारी कमी पैदा करती हैं और हृदय पर अत्यधिक दबाव डालती हैं। 40 के बाद वेट कंट्रोल करने के लिए सख्त परहेज के बजाय संतुलित और प्रोटीन युक्त संतुलित भोजन अपनाना चाहिए।

कैंसर स्क्रीनिंग को टालना या अनदेखा करना

40 के बाद कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। डॉ. लंदन बताते हैं कि कई लोग डर या आलस के कारण मैमोग्राम, कोलोनोस्कोपी या नियमित ब्लड टेस्ट कराने से बचते हैं। शुरुआती चरणों में कैंसर या ट्यूमर के कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन नियमित स्क्रीनिंग से इसे शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है। सही समय पर जांच और इलाज ही जान बचाने की सबसे बड़ी चाबी है।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वर्कआउट से दूरी

उम्र के इस पड़ाव पर केवल कार्डियो या टहलना ही काफी नहीं होता। 40 की उम्र के बाद मांसपेशियों का द्रव्यमान और हड्डियों का घनत्व तेजी से घटने लगता है। ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाले व्यायाम बेहद जरूरी हो जाते हैं। मसल्स मजबूत रहने से मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है, जोड़ों का दर्द दूर होता है और दिल की सेहत भी दुरुस्त रहती है। वर्कआउट को बिल्कुल न छोड़ें।

नींद की कमी और तनाव

काम और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच लोग अक्सर अपनी नींद की बलि चढ़ा देते हैं। डॉ. जेरेमी लंदन के मुताबिक, कम नींद लेना और लगातार मानसिक तनाव में रहना सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है। शरीर को रिकवर करने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना और मेडिटेशन या योग के जरिए तनाव को नियंत्रित रखना बहुत आवश्यक है।

40 की उम्र के बाद शरीर को स्वस्थ रखने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अपनी जीवनशैली में ये छोटे-छोटे सुधार करके आप आने वाले दशकों में एक लंबा और निरोगी जीवन जी सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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