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बंद फ्लैट के अंदर क्या हुआ, क्या पत्नी को मारकर हेड कांस्टेबल ने की आत्महत्या? इस हालत में थी डेडबॉडी

दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल और उसकी पत्नी की डेडबॉडी एक बंद फ्लैट के अंदर मिली। के समय दंपति के दोनों बच्चे घर से बाहर थे। बाद में जब वे घर लौटे तो फ्लैट अंदर से बंद मिला।

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फ्लैट में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल और पत्नी मृत मिले

दिल्ली : आउटर उत्तर दिल्ली के नरेला इलाके में शनिवार को दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल और उनकी पत्नी फ्लैट के अंदर मृत मिले। पुलिस के मुताबिक, दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटनाक्रम क्या था, इसकी जांच की जा रही है। मृतकों की पहचान करीब 40 वर्षीय हेड कांस्टेबल मोनू और उनकी 35 वर्षीय पत्नी मीनू के रूप में हुई है। मोनू उत्तर जिले में तैनात थे।

पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे नरेला स्थित एक फ्लैट के अंदर से बंद होने की सूचना पर PCR कॉल मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फ्लैट अंदर से बंद था, जिसके बाद फायर विभाग की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर एक ही कमरे में दंपति के शव मिले।

पत्नी की हत्या की और बाद में खुद आत्महत्या कर ली

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय दंपति के दोनों बच्चे घर से बाहर थे। बाद में जब वे घर लौटे तो फ्लैट अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। एक पड़ोसी ने दावा किया कि मोनू ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की और बाद में खुद आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे या मौत के क्रम की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लैब (FSL), क्राइम टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर जांच की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजा हरिश्चंद्र अस्पताल भेज दिया गया है।

पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले दंपति के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के सही कारण और घटनाक्रम का पता लगाया जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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