क्रिकेट

एशिया कप की तरह क्या एशियन गेम्स में भी रिपीट होगा ट्रॉफी कांड, जानें क्या है सच्चाई

एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की सबसे बड़ी दावेदार टीम इंडिया है। ऐसे में फैंस को यह चिंता सता रही है कि क्या वहां भी बिना मेडल के लौटना पड़ेगा। जानें क्या है सच्चाई और क्यों इस बार इसकी संभावना कम है।

Image

मोहसिन नकवी (साभार-X)

भारतीय क्रिकेट फैंस अभी एशिया कप ट्रॉफी विवाद भूले भी नहीं होंगे कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि क्या एशियन गेम्स में भी इस एपिसोड का एक्शन रिप्ले देखने को मिल सकता है। एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम को गोल्ड मेडल का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में फैंस को यह डर सता रहा है कि क्या एशिया कप की तरह वहां भी एसीसी चीफ मेडल देने पहुंचेगे और टीम इंडिया को बिना इसके ही लौटना होगा?

एक हफ्ते से भी कम का समय हुआ है जब पिछले साल मेंस टीम की तरह भारतीय विमेंस टीम ने भी दुबई में मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष होने के नाते, इस बात की पूरी संभावना है कि नकवी को एशियन गेम्स में भी आमंत्रित किया जाए।

नकवी के जाने की संभावना कम

ऐसा माना जा रहा है कि जापान के आइची नागोया में हो रहे एशियन गेम्स में शायद ही एसीसी चीफ मोहसिन नकवी पहुंचे। इस बात की संभावना इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि भारत और जापान के बीच मजबूत राजनयिक संबंध हैं और ऐसे में नागोया में दुबई जैसी स्थिति दोहराए जाने की संभावना कम है। दोनों देशों अपने 75 साल की दोस्ती को सेलिब्रेट करते हुए 22 सितंबर को एक फ्रेंडली मैच भी खेलने जा रहे हैं। इस पूरे मसले पर एसीसी के एक सदस्य ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जापान नकवी को आमंत्रित करेगी।

मेडल सेरेमनी में उपस्थित रहेंगे ये

मेडल सेरेमनी की बात करें तो इसमें मुख्य अतिथि का चुनाव निश्चित रूप से एशियाई ओलंपिक परिषद (OCA) का अधिकार क्षेत्र में होगा। इसके अलावा जापानी ओलंपिक समिति (JOC) और आइची-नागोया एशियाई खेल एवं एशियाई पैरा खेल आयोजन समिति (AINAGOC) की भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। दोनों संस्थाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे भारत की हितों का ध्यान रखेंगी।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article