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Autistic Pride Day: ऑटिज्म और ADHD में क्या फर्क है और क्यों जरूरी है सही पहचान, हर माता-पिता को जाननी चाहिए ये बात

Autistic Pride Day: क्या आप जानते हैं हर शरारती बच्चा ADHD का शिकार नहीं होता, वैसे ही हर कम बोलने वाला बच्चे को ऑटिज्म नहीं होता। लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि पेरेंट्स इस अंतर को कैसे समझें? चलिए आज डॉक्टर से ही जानते हैं ऑटिज्म और ADHD में क्या अंदर है और आपको क्या अनदेखा नहीं करना चाहिए।

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90% पेरेंट्स नहीं जानते हैं ऑटिज्म और ADHD में क्या फर्क है

Autistic Pride Day: आजकल बच्चों के व्यवहार और विकास से जुड़ी बातों पर पहले से ज्यादा चर्चा होने लगी है। ऐसे में ऑटिज्म और ADHD जैसे शब्द भी अक्सर सुनने को मिलते हैं। कई माता-पिता इन दोनों को एक ही समस्या समझ लेते हैं, क्योंकि इनके कुछ लक्षण एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। लेकिन असल में ये दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं और बच्चों पर इनका असर भी अलग तरीके से पड़ता है।

इस विषय पर अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद की पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी ओझा कहती हैं कि अगर माता-पिता समय रहते सही पहचान कर लें, तो बच्चे को उसकी जरूरत के मुताबिक मदद मिल सकती है। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपनी क्षमताओं के अनुसार बेहतर तरीके से आगे बढ़ पाता है। आइए जानते हैं ऑटिज्म और ADHD में क्या अंतर हैं, दोनों ही बीमारियां एक-दूसरे से कैसे अलग हैं और पेरेंट्स कहां कंफ्यूज हो जाते हैं।

ऑटिज्म क्या होता है

ऑटिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चे को लोगों के साथ घुलने-मिलने और बातचीत करने में परेशानी हो सकती है। ऐसे बच्चे कई बार दूसरों की भावनाओं या इशारों को आसानी से नहीं समझ पाते।

कुछ बच्चों को आंखों में देखकर बात करना पसंद नहीं होता, जबकि कुछ एक ही काम को बार-बार करना पसंद करते हैं। कई बार उनकी किसी खास चीज या विषय में बहुत ज्यादा रुचि हो सकती है। अगर उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या बदल जाए, तो वे असहज भी महसूस कर सकते हैं।

बच्चों में ऑटिज्म कैसा दिखता है

बच्चों में ऑटिज्म कैसा दिखता है

ADHD क्या है और इसके लक्षण कैसे दिखते हैं

ADHD (Attention-Deficit/Hyperactivity Disorder) में बच्चे को ध्यान लगाने और अपने व्यवहार को नियंत्रित करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे बच्चे अक्सर एक जगह शांत बैठ नहीं पाते, जल्दी-जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं और किसी काम पर लंबे समय तक फोकस नहीं कर पाते।

ऐसे में स्कूल में पढ़ाई करते समय उनका ध्यान भटक सकता है। कई बार वे कोई काम शुरू तो कर देते हैं, लेकिन उसे पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। यह जरूरी नहीं कि बच्चा शरारती हो, बल्कि उसके लिए खुद को नियंत्रित करना थोड़ा कठिन हो सकता है।

ADHD ऑटिज्म से कैसे अलग है

ADHD ऑटिज्म से कैसे अलग है

दोनों में भ्रम क्यों हो जाता है

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऑटिज्म और ADHD के कुछ लक्षण ऊपर से देखने पर एक जैसे लग सकते हैं जैसे:

  • बच्चा बातों पर ध्यान न दे
  • बेचैन रहे
  • या निर्देशों का पालन न करे।

यहीं पर अक्सर माता-पिता भ्रमित हो जाते हैं। लेकिन इन दोनों स्थितियों के पीछे कारण अलग-अलग होते हैं। ऑटिज्म में बच्चे को लोगों के साथ जुड़ने और सामाजिक व्यवहार समझने में परेशानी हो सकती है, जबकि ADHD में मुख्य चुनौती ध्यान और व्यवहार को नियंत्रित करना होता है।

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लोग कहां भ्रमित हो जाते हैं

लोग कहां भ्रमित हो जाते हैं

क्या किसी बच्चे को ऑटिज्म और ADHD दोनों हो सकते हैं

जी हां, कुछ बच्चों में ऑटिज्म और ADHD दोनों के लक्षण एक साथ मौजूद हो सकते हैं। यही कारण है कि कई बार सही पहचान करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

डॉ. साक्षी ओझा के अनुसार, ऑटिज्म और ADHD अलग-अलग स्थितियां हैं, लेकिन कुछ बच्चों में दोनों साथ भी हो सकते हैं। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ की सलाह और सही जांच बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि बच्चे को उसकी जरूरत के अनुसार सही मदद मिल सके।

सही पहचान क्यों है सबसे जरूरी

डॉ. साक्षी ओझा के अनुसार, सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि लोग ऑटिज्म और ADHD (autism and adhd difference)को एक ही समझ लेते हैं। जबकि दोनों अलग हैं और कुछ बच्चों में ये दोनों साथ भी हो सकते हैं।

अगर सही समय पर सही पहचान हो जाए, तो बच्चे को उसकी जरूरत के अनुसार मदद, ट्रेनिंग और थेरेपी मिल सकती है। इससे उसकी सीखने की क्षमता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

ऐसे आसान बन सकता है बच्चों का सफर

दुनिया भर में लाखों बच्चे ऑटिज्म और ADHD के साथ जीवन जी रहे हैं। ऐसे बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत समझ, सहयोग और स्वीकार्यता की होती है।

हमें यह समझने की जरूरत है कि हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी खूबियां होती हैं। बच्चों की तुलना करने के बजाय उनकी जरूरतों को समझना ज्यादा जरूरी है। सही समय पर मदद और परिवार का साथ मिलने पर ये बच्चे भी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सकते हैं और जीवन में बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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