Dry Mouth Causes In Morning: कभी आपने गौर किया है कि सुबह उठते ही मुंह बिल्कुल सूखा-सूखा लगता है? जैसे रातभर पानी ही नहीं पिया हो। ज्यादातर लोग इसे हल्के में लेते हैं और सोचते हैं कि शायद पानी कम पी लिया होगा। लेकिन अगर ये रोज होने लगे, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह मुंह सूखना सिर्फ डिहाइड्रेशन की वजह से नहीं होता, इसके पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं। कभी यह आपकी सोने की आदत से जुड़ा होता है, तो कभी शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का इशारा देता है। इसलिए जरूरी है कि हम इसे समझें, ताकि समय रहते सही कदम उठाया जा सके और आगे कोई बड़ी दिक्कत न हो।
हर बार पानी की कमी जिम्मेदार नहीं होती
अक्सर हम मान लेते हैं कि मुंह सूखना मतलब शरीर में पानी की कमी। लेकिन सच्चाई यह है कि कई बार शरीर में लार कम बनने लगती है, जिससे मुंह सूखा लगता है। यानी आपने पानी ठीक से पिया हो, फिर भी यह समस्या हो सकती है।
सोते समय मुंह खुला रहना भी कारण बनता है
अगर आपको नाक से सांस लेने में दिक्कत होती है या एलर्जी रहती है, तो आप सोते समय मुंह खोलकर सांस लेते हैं। इससे रातभर मुंह सूखता रहता है और सुबह उठते ही परेशानी महसूस होती है। कई लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं होता।
दवाइयों का असर भी दिखता है
कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं जो मुंह में सूखापन बढ़ा देती हैं। खासकर एलर्जी, डिप्रेशन या ब्लड प्रेशर की दवाएं लेने वाले लोगों में यह दिक्कत ज्यादा देखी जाती है। अगर आप लंबे समय से कोई दवा ले रहे हैं और यह समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से बात करना बेहतर रहता है।
डायबिटीज का शुरुआती संकेत भी हो सकता है
अगर बार-बार मुंह सूखता है और साथ में प्यास भी ज्यादा लगती है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। हाई ब्लड शुगर होने पर शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिससे मुंह सूखने लगता है। इसलिए इसे हल्के में न लें।
नींद से जुड़ी समस्या भी हो सकती है वजह
जिन लोगों को खर्राटे आते हैं या नींद के दौरान सांस रुकने जैसी समस्या होती है, उनमें भी यह परेशानी देखी जाती है। इस स्थिति में व्यक्ति मुंह से सांस लेता है, जिससे सुबह मुंह सूखा रहता है। इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।
कब समझें कि डॉक्टर के पास जाना जरूरी है
अगर यह समस्या कभी-कभार हो तो चिंता की बात नहीं। लेकिन अगर रोज सुबह ऐसा हो, गला सूखा रहता हो या मुंह से बदबू भी आए, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही कारण पता चलने पर ही इसका इलाज संभव है।
छोटी-सी लगने वाली यह समस्या कई बार शरीर के बड़े संकेतों में से एक होती है। इसलिए इसे समझना और समय रहते ध्यान देना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
