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EXCLUSIVE: सुचिका तरियाल MMA में एशियाड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, विवादित रही सेमीफाइनल फाइट, भारत ने फैसले को चुनौती दी

Suchika Tariyal Wins First Asiad MMA Medal, India challenge the semi-final decision: भारत को सुचिका तरियाल ने कांस्य पदक के रूप में एशियन गेम्स का पहला MMA पदक तो जिता दिया है, लेकिन सेमीफाइनल फाइट का नतीजा विवादित रहा जिसके चलते भारत ने फैसले को चुनौती दी है।

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सुचिका तरियाल (Instagram/Suchika_Tariyal)

एशियन गेम्स 2026 में भारत की MMA फाइटर सुचिका तरियाल ने नया इतिहास रचा है। सुचिका ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला एशियाई खेल मेडल जीतने का कमाल किया। उन्होंने महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल मैच के एक्स्ट्रा राउंड में जाने के बाद, सिंगापुर की हुई हून टेओ के खिलाफ तरियाल का सफर खत्म हो गया। आखिर में टेओ को विजेता घोषित किया गया। हालांकि, भारतीय खेमे ने इस फैसले को चुनौती दी है। फाइट के बाद, सुचिका के कोच निखिल ने खास तौर पर 'स्पोर्ट्स नाउ' को बताया कि रेगुलर राउंड के बाद फाइट बराबरी पर थी और भारतीय पक्ष ने इस मामले को आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) में भेजा है।

कोच का दावा है कि एक जज ने भारत का पक्ष लिया, जबकि दो जजों ने एक्स्ट्रा राउंड में सिंगापुर को जीत दी। तरियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर एशियाई खेलों में भारत का पहला MMA मेडल पहले ही पक्का कर लिया था।

हमने फैसले को चुनौती दी है- भारतीय MMA प्रेसिडेंट

भारतीय MMA प्रेसिडेंट निखिल कुंदर ने 'स्पोर्ट्स नाउ' को बताया, "हमने फैसले को चुनौती दी है। मैच ड्रॉ रहा था। हम आर्बिट्रेशन के नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इससे फाइनल नतीजा बदल जाएगा। फाइट ड्रॉ रही थी और यह ओवरटाइम में चली गई थी। 2 जजों ने सिंगापुर के पक्ष में फैसला दिया और 1 ने भारत के पक्ष में। इसलिए हमने चुनौती दी है।"

इससे पहले, नागोया में रविवार को महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम वर्ग में MMA इवेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाकर सुचिका तारियाल ने एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला मेडल पक्का किया। उन्होंने अल्तानचिमेग बैगलमा को हराया। बैगलमा ने दूसरे और आखिरी राउंड में आक्रामक रुख अपनाते हुए मुकाबले का पासा पलटने की कोशिश की, लेकिन लगातार दबाव के बावजूद सुचिका का डिफेंस मजबूत बना रहा।

जैसे-जैसे बैगलमा ने हमले जारी रखे, सुचिका ने एक अहम दांव (रिवर्सल) चला और अपनी प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिरा दिया। उन्होंने राउंड के आखिर तक अपना दबदबा बनाए रखा और जीत हासिल करने के लिए जरूरी प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ सुचिका सेमीफाइनल में पहुंच गईं और खेलों में भारत का पहला मेडल पक्का किया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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