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कौन सी रोटी खाना है बेहतर-गेहूं, ज्वार या बाजरा में से किसमें मिलेगा ज्यादा पोषण

Kaun si Roti Achi Hai: रोटी तो भारतीय खाने का खास हिस्सा है। लेकिन रोटी भी यहां अलग-अलग आटे की मिलती है। घरों में गेहूं,बाजरा, रागी, ज्वार आदि की रोटी बनाई जाती है। यहां जानें कि किस आटे की रोटी ज्यादा पौष्टिक होती है और कौन से आटे की रोटी खानी चाहिए।

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कौन सी रोटी खाना है बेहतर (Pic: Canva)

Kaun si Roti Achi Hai: देश के अलग-अलग राज्यों में कहीं गेहूं की रोटी, तो कहीं बाजरे और मक्के की रोटी खाई जाती है। हर रोटी के अपने फायदे और गुण होते हैं। आज हम अलग-अलग रोटियों के फायदे बताएंगे, साथ ही बताएंगे कि किस समय किस रोटी को खाने से बचना चाहिए।

पहले बात करते हैं गेहूं की रोटी की। गेहूं की रोटी उत्तर भारत के ज्यातार इलाकों में खाई जाती है। गेहूं की रोटी में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी, और मिनरल होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। हालांकि गेहूं की रोटी का ज्यादा सेवन वजन को बढ़ाता है। साथ ही, भरपूर कार्बोहाइड्रेट होने की वजह से शुगर और थायराइड के मरीज को गेहूं के आटे में दूसरा अन्य आटा मिलाकर लेना चाहिए। सुबह और दोपहर में गेहूं की रोटी का सेवन किया जा सकता है, लेकिन रात को इसके सेवन से बचें, क्योंकि इसे पचाने में ज्यादा मेहनत लगती है।

वहीं बाजरे की रोटी भी स्वाद और सेहत दोनों के मापदंड पर खरी उतरती है। बाजरे की रोटी में भरपूर आयरन होता है, जो खून की कमी नहीं होने देता। बाजरा शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है। हालांकि गर्मियों में बाजरे की रोटी का सेवन कम करना चाहिए। सर्दियों में इसका सेवन दोपहर के वक्त ही करना अच्छा होता है, क्योंकि बाजरा भारी होता है।

ज्वार की रोटी बहुत कम जगहों पर खाई जाती है। इसका सेवन मुख्य तौर पर कर्नाटक, मध्य प्रदेश, और राजस्थान में होता है। ज्वार में ग्लूटेन नहीं होता है, जिसकी वजह से ये और पौष्टिक बन जाती है। इसमें कम कैलोरी भी होती है, जिसकी वजह से बढ़ता वजन भी नियंत्रित रहता है। शुगर के मरीजों के लिए ज्वार की रोटी फायदेमंद होती है। इसे दोपहर या रात को आहार में शामिल कर सकते हैं।

रागी की रोटी को पित्त को संतुलित करने वाला माना जाता है। अगर शरीर में पित्त दोष की वृद्धि है, इसके लिए रागी की रोटी खाई जा सकती है। रागी में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, ये पचने में भी आसान होती है। रागी की रोटी खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसका सेवन सुबह नाश्ते और दोपहर के खाने में करना चाहिए।

Input: आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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