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बारिश में बाहर नहीं निकल पा रहे तो घर के अंदर करें ये 3 आसान योगासन, शरीर रहेगा एक्टिव

Indoor Yoga During Rainy Days: बारिश के कारण वॉक या एक्सरसाइज नहीं कर पा रहे हैं तो घर पर यहां बताए गए आसान आसन कर सकते हैं। जानें इन योगासनों की विधि और फायदे।

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बारिश में घर में करें योग, शरीर में नहीं आएगी जकड़न

Indoor Yoga During Rainy Days: बारिश की आवाज और ठंडी हवा मन को सुकून देती है। लेकिन लगातार बरसात होने पर मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग या पार्क में एक्सरसाइज करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे दिनों में शरीर की गतिविधि कम हो सकती है। आलस, अकड़न और भारीपन भी महसूस होने लगता है।

ऐसे में घर के अंदर किया गया हल्का योग शरीर को सक्रिय रखने का आसान तरीका हो सकता है। इसके लिए किसी मशीन या बड़ी जगह की जरूरत नहीं है। एक योगा मैट और कुछ शांत मिनट पर्याप्त हैं।

योग गुरु हिमालयन सिद्धा अक्षर के अनुसार, वृक्षासन, वीरभद्रासन और सुखासन को मिलाकर एक छोटा इंडोर योग रूटीन तैयार किया जा सकता है। ये आसन शरीर में संतुलन और मजबूती लाने के साथ मन को शांत रखने में भी मदद कर सकते हैं।

बारिश के दिनों में योग क्यों करना चाहिए

मानसून में कई लोग घर से बाहर निकलना कम कर देते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से कमर, कंधे और पैरों में जकड़न हो सकती है। नियमित रूप से कुछ देर योग करने से शरीर में हलचल बनी रहती है।

वृक्षासन करने का सही तरीका

वृक्षासन यानी ट्री पोज शरीर के संतुलन पर काम करता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को पास रखें। अब शरीर का वजन बाएं पैर पर डालें। दाएं घुटने को मोड़कर दाएं पैर के तलवे को बाईं जांघ के अंदर रखें।

हाथों को नमस्कार मुद्रा में छाती के सामने जोड़ सकते हैं। संतुलन ठीक हो तो हाथों को सिर के ऊपर भी ले जा सकते हैं। सामने किसी एक बिंदु पर नजर टिकाएं और सहज सांस लेते रहें। इसके बाद दूसरे पैर से आसन दोहराएं।

वृक्षासन के फायदे

वृक्षासन पैरों और टखनों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। इससे शरीर का संतुलन, पोस्चर और एकाग्रता बेहतर होती है। अभ्यास के दौरान मन को एक जगह टिकाने में भी सहायता मिलती है।

वीरभद्रासन से बढ़ाएं शरीर की ताकत

वीरभद्रासन यानी वॉरियर पोज शरीर को मजबूती देने वाला आसन है। इसे करने के लिए दोनों पैरों के बीच सुविधानुसार दूरी रखें। दाएं पैर को बाहर की ओर मोड़ें। अब दाएं घुटने को मोड़ें और बाएं पैर को सीधा रखें।

दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाएं। गर्दन दाईं ओर घुमाकर दाएं हाथ की उंगलियों की दिशा में देखें। कुछ सहज सांसों तक इसी स्थिति में रहें। फिर सामान्य मुद्रा में लौटें और दूसरी तरफ से दोहराएं।

वीरभद्रासन के फायदे

यह आसन पैरों, कूल्हों और कंधों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। इसके नियमित अभ्यास से स्टैमिना, बॉडी अवेयरनेस और आत्मविश्वास से भरा पोस्चर विकसित करने में मदद मिल सकती है।

सुखासन से दें शरीर और मन को आराम

योग रूटीन को सुखासन के साथ समाप्त किया जा सकता है। मैट पर पालथी लगाकर बैठें। पीठ को सीधा लेकिन सहज रखें। हाथों को घुटनों पर रखें और कंधों को ढीला छोड़ दें।

आंखें बंद करके धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। सांस की गति बदलने का प्रयास न करें। केवल उसके आने-जाने को महसूस करें। यह अभ्यास सक्रिय आसनों के बाद शरीर को आराम की स्थिति में लाने में मदद करता है।

ध्यान रखें कि हर आसन को अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। शुरुआत में कुछ सहज सांसों तक मुद्रा बनाए रखना पर्याप्त है। शरीर को जबरदस्ती खींचने या संतुलन बिगड़ने पर आसन जारी रखने से बचें।

कुछ मिनट का योग भी बन सकता है अच्छी शुरुआत

बारिश के कारण बाहर की गतिविधियां रुक सकती हैं, लेकिन फिटनेस रूटीन पूरी तरह रुकना जरूरी नहीं है। घर में किया गया हल्का और नियमित योग शरीर को सक्रिय तथा मन को तरोताजा रखने में मदद कर सकता है। जरूरी यह नहीं कि अभ्यास कितनी देर किया गया, बल्कि यह है कि उसे सुरक्षित तरीके और नियमितता के साथ किया जाए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, चोट, चक्कर, जोड़ों की गंभीर समस्या या गर्भावस्था की स्थिति में योग शुरू करने से पहले डॉक्टर अथवा योग्य योग विशेषज्ञ से सलाह लें। संतुलन वाले आसन दीवार या मजबूत कुर्सी का सहारा लेकर करें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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