Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में हाफ सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने बेंगलुरु में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में यह कारनामा किया। वैभव ने सिर्फ 42 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। वह अभिमन्यु ईश्वरन के साथ ओपनिंग करने आए थे। जब उन्होंने फिफ्टी लगाई तब उनकी उम्र 15 साल 157 दिन थी। इसके साथ ही उन्होंने 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 1968-69 में लक्ष्मण सिंह ने 16 साल 23 दिन की उम्र में सेंट्रल जोन के लिए 63 रन बनाकर यह रिकॉर्ड बनाया था।
वैभव को 40 रन पर मिला जीवनदान
इससे पहले सेंट्रल जोन की टीम 266 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इसके बाद वैभव ने बल्लेबाजी के लिए आते ही अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने पहले ही ओवर में दो चौके मारे। 12 ओवर के बाद वह 28 गेंदों में 40 रन पर थे तभी उन्हें एक जीवनदान भी मिला। उनका एक टॉप एज पर कैच छूट गया। हालांकि, वैभव खुद को आउट समझकर पवेलियन की तरफ चल दिए थे, लेकिन जब देखा कि कैच छूट गया है। इसके बाद उन्होंने मौका नहीं गंवाया और 42 गेंदों में अपनी पहली दलीप ट्रॉफी फिफ्टी पूरी कर ली। यह पारी इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले उनका फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड कुछ खास नहीं था। सेमीफाइनल से पहले उन्होंने 13 पारियों में सिर्फ 215 रन बनाए थे, जिसमें उनका औसत 16.53 का था। उनका बेस्ट स्कोर बिहार के लिए मेघालय के खिलाफ 93 रन था। यह उनकी दूसरी फर्स्ट क्लास फिफ्टी है।
आउट होते ही पटका बल्ला
फिफ्टी के बाद भी वैभव सूर्यवंशी नहीं रुके। वह तेजी से अपने पहले फर्स्ट क्लास शतक की तरफ बढ़ रहे थे। तभी 92 रन के निजी स्कोर पर वह आउट हो गए। हर्ष दुबे की गेंद पर लेग साइड में बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में वैभव डीप मिड विकेट पर कैच दे बैठे थे। दलीप ट्रॉफी में अपनी पहली सेंचुरी से सिर्फ 8 रन पहले आउट होने पर वैभव सूर्यवंशी काफी निराश दिखे। उन्होंने आउट होते ही गुस्से में अपना बल्ला पटक दिया। यह देखकर स्टैंड में बैठे पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह हैरान रह गए। वहां सेलेक्टर अजय रात्रा और एसएस दास भी मैच देख रहे थे।
