Share Market Closing : अगस्त के आखिरी कारोबारी दिन भी भारतीय शेयर बाजार की गिरावट थम नहीं सकी। सोमवार को Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में बंद हुए। Sensex 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,957.27 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,080.40 पर आ गया। कारोबार के दौरान Nifty 23,993.60 के निचले स्तर तक फिसला। यानी बाजार ने दिन का बड़ा हिस्सा दबाव में ही बिताया। अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर बाजार लगातार दबाव में क्यों है? सोमवार की गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण एक साथ काम करते दिखे।
कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमत रही। Brent Crude 91.35 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया और दिन में 3.69 प्रतिशत की तेजी में रहा। वहीं Crude Oil 86.60 डॉलर प्रति बैरल पर था और करीब 3.84 प्रतिशत ऊपर था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल महंगा होने का असर रुपये, महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कच्चे तेल की तेजी को शेयर बाजार के लिए बड़ा जोखिम माना जा रहा है।
FED की दरों को लेकर नई टेंशन
दूसरी बड़ी वजह अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता है। बाजार में यह आशंका मजबूत हुई है कि अमेरिका में महंगाई अगर ऊंची बनी रहती है तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती का असर उभरते बाजारों पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बाजार अपेक्षाकृत ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं और भारत जैसे बाजारों में पूंजी प्रवाह पर दबाव बढ़ सकता है।
FII Selling ने भी बिगाड़ा मूड
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली पहले से चिंता का विषय बनी हुई है। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों से 5,039.80 करोड़ रुपये की निकासी की थी। जब विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली करते हैं तो बड़े शेयरों पर सीधा दबाव आता है। इससे बाजार का सेंटीमेंट भी कमजोर होता है और छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
सेक्टोरल मार्केट में चौतरफा बिकवाली
आज बाजार की गिरावट में कुछ सेक्टरों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा खराब रहा। Nifty Media 2.84 प्रतिशत, Metal 2.45 प्रतिशत और FMCG 1.69 प्रतिशत गिरा। IT इंडेक्स भी 0.29 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। खास बात यह है कि पिछले सत्र में IT शेयरों में अच्छी तेजी आई थी, लेकिन सोमवार को इस सेक्टर में फिर मुनाफावसूली देखने को मिली। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा।
बैंकिंग और फार्मा स्टॉक्स ने दिया सहारा
पूरी तस्वीर सिर्फ गिरावट की नहीं थी। कुछ सेक्टरों ने बाजार को संभालने की कोशिश भी की। Nifty Bank 0.92 प्रतिशत और Private Bank 0.97 प्रतिशत चढ़ा। Pharma 0.72 प्रतिशत और Healthcare Index 0.85 प्रतिशत मजबूत रहा। Midcap शेयरों में भी कुछ मजबूती रही। Midcap 50 में 0.47 प्रतिशत और Midcap 100 में 0.24 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। हालांकि Smallcap शेयरों में दबाव ज्यादा रहा और Smallcap 100 में 0.74 प्रतिशत की गिरावट आई।
India VIX ने भी दिया डर बढ़ने का संकेत
बाजार में अनिश्चितता बढ़ने का एक संकेत India VIX से भी मिला। VIX 3.37 प्रतिशत बढ़कर 11.04 पर पहुंच गया। VIX को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की घबराहट का संकेत माना जाता है। इसका मतलब यह है कि निवेशक फिलहाल बिना किसी स्पष्ट सकारात्मक ट्रिगर के बड़ा जोखिम लेने से बच रहे हैं।
