आरक्षण के मुद्दे पर जारी सियासी बहस के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग की चिंताओं को देखने और उन्हें दूर करने की जरूरत है। सामाजिक न्याय की चर्चा केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के हर हिस्से की समस्याओं और अपेक्षाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
ऊंची जाति के लोगों की चिंताएं दूर करना भी सरकार की जिम्मेदारी
चिराग पासवान ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा जरूरी है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ऊंची जातियों के लोगों को चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया जाए। पासवान ने कहा कि अगर ऊंची जाति के लोगों में भी अगर चिंताएं हैं तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी सरकार और राजनीतिक दलों की है।
उन्होंने कहा कि वह जिस जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसकी आवाज उठाते हैं, लेकिन अन्य जातियों से आने वाले नेताओं को भी अपने-अपने समाज की समस्याओं के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वर्ण समाज के लोगों की समस्याओं को भी उनकी पार्टी उठाएगी और उनके हितों को लेकर काम करेगी।
'हर वर्ग से बातचीत के जरिए निकलेगा रास्ता'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सामाजिक और आरक्षण से जुड़े विवादों का स्थायी हल टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत के माध्यम से निकाला जा सकता है। अलग-अलग समुदायों के लोगों की अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं हैं। इसलिए जरूरी है कि उनकी बात सुनी जाए और समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाए।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग का भी जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने ऊंची जाति के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहलू पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए लागू किए गए 10 प्रतिशत आरक्षण का भी जिक्र किया।
चिराग पासवान का कहना है कि सामाजिक न्याय की व्यवस्था का उद्देश्य किसी एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा करना नहीं होना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि विभिन्न वर्गों के बीच मौजूद आशंकाओं को समझते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे किसी के अधिकारों को नुकसान पहुंचाए बिना सभी वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
मंत्री पर लगाए गए आरोपों पर क्या बोले चिराग?
इस दौरान उन्होंने तेज प्रताप यादव द्वारा बिहार के मंत्री पर लगाए गए आरोपों के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि संबंधित मंत्री किस पार्टी से हैं और कहां के हैं। उन्होंने कहा कि अगर मामला बिहार से जुड़ा है और आरोपी उनकी पार्टी से संबंधित है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि वह बिहार सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह करेंगे। उन्होंने संबंधित युवती से भी सामने आकर अपनी पहचान और तथ्यों को साझा करने की अपील की। साथ ही होटल प्रबंधन से भी मामले से जुड़े तथ्य सामने रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर आरोपी उनकी पार्टी का विधायक या मंत्री है, यहां तक कि उनके परिवार का कोई सदस्य भी इस मामले में शामिल पाया जाता है, तो वह उसे सजा दिलाने के लिए कार्रवाई का समर्थन करेंगे।
