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कॉफी पीने का ये तरीका बिगाड़ सकता है आपका पेट, डॉ. Saurabh Sethi ने बताई 7 बड़ी गलतियां

coffee mistakes: क्या आपने कभी सोचा है कि कॉफी पीने का तरीका आपकी सेहत पर असर डाल सकता है। हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने इसके बारे में डिटेल में जानकारी दी है।

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कॉफी पीने का तरीका (फोटो: instagram)

coffee mistakes: कॉफी दुनिया की सबसे पसंदीदा ड्रिंक्स में से एक है। कई लोगों के लिए सुबह की शुरुआत कॉफी के बिना अधूरी होती है। कुछ लोग इसे नींद भगाने के लिए पीते हैं, तो कुछ का मानना है कि कॉफी पीने से उनका फोकस और एनर्जी बेहतर रहती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कॉफी पीने का तरीका भी आपकी सेहत पर असर डाल सकता है। हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी बताते हैं कि समस्या हमेशा कॉफी नहीं होती, बल्कि कई बार उससे जुड़ी हमारी रोजमर्रा की आदतें परेशानी की वजह बन सकती हैं। उनके मुताबिक कुछ लोग कॉफी पीने के बाद एसिडिटी, पेट फूलना, बेचैनी, नींद खराब होने और दिनभर थकान जैसी समस्याओं का अनुभव करते हैं।

डॉ. सौरभ सेठी ने कॉफी से जुड़ी ऐसी 7 आम गलतियों के बारे में बताया है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

1. खाली पेट कॉफी पीना

सुबह उठते ही सीधे कॉफी पी लेना बहुत लोगों की आदत होती है। कई लोग पानी तक नहीं पीते और सबसे पहले कॉफी का कप हाथ में ले लेते हैं। डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक खाली पेट कॉफी कुछ लोगों में पेट के एसिड को बढ़ा सकती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से ही एसिडिटी या रिफ्लक्स की समस्या है, तो उसे जलन या असहजता महसूस हो सकती है। इससे बचने के लिए सुबह उठकर पहले पानी पीना और उसके बाद कुछ हल्का खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। खासकर अगर कॉफी पीने के बाद आपको अक्सर पेट में जलन या भारीपन महसूस होता है, तो अपनी इस आदत पर ध्यान देना चाहिए।

2. कॉफी में जरूरत से ज्यादा चीनी और सिरप डालना

कॉफी को स्वादिष्ट बनाने के लिए कई लोग उसमें चीनी, फ्लेवर्ड सिरप, कैरेमल या दूसरे मीठे पदार्थ डालते हैं। समस्या तब बढ़ सकती है जब यह रोज की आदत बन जाए। डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं कि बहुत ज्यादा शुगर वाली कॉफी वास्तव में एक मीठी ड्रिंक बन सकती है। इससे शरीर में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने और फिर नीचे आने की स्थिति बन सकती है, जिसके बाद दोबारा मीठा या एनर्जी वाली चीज खाने-पीने का मन हो सकता है। अगर आपको मीठी कॉफी पसंद है, तो धीरे-धीरे चीनी की मात्रा कम करना एक आसान तरीका है। कुछ लोग बिना चीनी की कॉफी या कम मीठे विकल्प को भी अपना सकते हैं।

3. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड क्रीमर का इस्तेमाल

कॉफी को क्रीमी और स्वादिष्ट बनाने के लिए बाजार में कई तरह के कॉफी क्रीमर मिलते हैं। लेकिन हर क्रीमर साधारण दूध या असली क्रीम जैसा नहीं होता। डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक कुछ प्रोसेस्ड क्रीमर में अलग-अलग तरह के emulsifiers, stabilizers, artificial flavors और added sugars हो सकते हैं। इनका बार-बार सेवन कुछ लोगों के लिए पेट और आंतों से जुड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

4. दिनभर जरूरत से ज्यादा कॉफी पीना

कॉफी पीने से थोड़ी देर के लिए फेकस बढ़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जितनी ज्यादा कॉफी पिएंगे, उतनी ज्यादा एनर्जी मिलेगी। डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार एक सीमा के बाद ज्यादा कैफीन शरीर के लिए ठीक नहीं है। इसके चलते कुछ लोगों को बेचैनी, हाथ-पैर कांपना, तेज धड़कन, पेट की गतिविधियां बढ़ना या नींद से जुड़ी परेशानी महसूस हो सकती है।

5. दोपहर बाद या देर शाम कॉफी पीना

कई लोगों को लगता है कि अगर कॉफी पीने के बाद उन्हें तुरंत नींद नहीं आती, तो इसका मतलब कैफीन उनकी नींद पर असर नहीं कर रही है। लेकिन डॉ. सौरभ सेठी इस आदत को लेकर सावधानी बरतने की बात कहते हैं। कैफीन शरीर में कई घंटों तक रह सकती है। इसलिए दोपहर या शाम की कॉफी रात की नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, भले ही आपको सोने में परेशानी महसूस न हो। कम या खराब नींद का असर अगले दिन की ऊर्जा, मूड और खाने की आदतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको रात में अच्छी नींद नहीं आती, तो दोपहर बाद वाली कॉफी को कम करके देखना उपयोगी हो सकता है।

6. खराब क्वालिटी की कॉफी चुनना

डॉ. सौरभ सेठी ने कॉफी की क्वलिटी को भी अहम बताया है। उनके मुताबिक कुछ लोगों को कॉफी से परेशानी होती है, जबकि कैफीन के दूसरे स्रोतों से उन्हें वैसी समस्या नहीं होती। ऐसे मामलों में कॉफी की क्वलिटी भी एक संभावित फैक्टर हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। इसलिए अगर किसी खास कॉफी को पीने के बाद बार-बार समस्या हो तो उसे बदल दें।

7. नींद और खाने की कमी को कॉफी से ढकना

डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार यह सबसे बड़ी गलती हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति रोज केवल कुछ घंटे सो रहा है और दिनभर खुद को एक्टिव रखने के लिए लगातार कॉफी पी रहा है, तो कॉफी असली समस्या का समाधान नहीं है। कॉफी थोड़े समय के लिए एलर्ट महसूस करा सकती है, लेकिन यह नींद की जगह नहीं ले सकती। इसी तरह कॉफी को भोजन या स्ट्रेस मैनेजमेंट का विकल्प भी नहीं माना जाना चाहिए।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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