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सिर्फ मेंटल हेल्थ को ही बर्बाद नहीं करते स्ट्रेस और एंजाइटी, इन गंभीर बीमारियों की भी बनते हैं वजह

Illnesses, Diseases, Problems Caused By Stress And Anxiety In Hindi: स्ट्रेस और एंजाइटी को हल्के में लेना अब सही नहीं है। ये केवल आपकी मेंटल हेल्थ ही नहीं, बल्कि आपके पूरे शरीर को बीमार कर सकते हैं। बेहतर होगा कि हम अपनी लाइफस्टाइल में कुछ पॉजिटिव बदलाव लाएं जैसे मेडिटेशन, एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और समय पर नींद। नहीं तो यह आपको कई गंभीर बीमारियों को जोखिम में डाल सकते हैं। यहां जानें स्ट्रेस और एंग्जायटी से कौन से रोग हो सकते हैं।

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Illnesses Diseases Problems Caused By Stress And Anxiety In Hindi

Illnesses, Diseases, Problems Caused By Stress And Anxiety In Hindi: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस और एंजाइटी कोई नई बात नहीं है। ऑफिस का प्रेशर, रिश्तों में खींचातानी, फाइनेंशियल टेंशन, ये सब हमारे दिमाग पर तो असर डालते ही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे हमारे शरीर पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है? कई बार हम सोचते हैं कि थोड़ी टेंशन तो सबकी लाइफ में होती है, लेकिन यही "थोड़ी सी टेंशन" धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है। दरअसल, जब हम लगातार स्ट्रेस में रहते हैं या निगेटिव सोच से घिरे रहते हैं, तो हमारे शरीर का बैलेंस बिगड़ने लगता है। इस लेख में हम जानेंगे कि स्ट्रेस और एंजाइटी किन-किन शारीरिक बीमारियों की वजह बन सकते हैं।

स्ट्रेस-एंग्जायटी से कौन सी परेशानियां हो सकती हैं - Problems Causes By Stress And Anxiety In Hindi

दिल की सेहत पर सीधा असर

जब आप ज्यादा तनाव में रहते हैं, तो शरीर में 'स्ट्रेस हार्मोन' कोर्टिसोल बढ़ने लगता है। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ जाती है, जो सीधे तौर पर दिल पर असर डालती है। लंबे समय तक ऐसा चलता रहे तो हार्ट अटैक और हाई बीपी जैसी प्रॉब्लम्स सामने आ सकती हैं। इसलिए अगर दिल की सेहत चाहिए तो दिमाग को भी शांत रखना जरूरी है।

पाचन तंत्र हो सकता है कमजोर

क्या आपने कभी नोटिस किया है कि जब आप बहुत टेंशन में होते हैं तो पेट भी साथ छोड़ने लगता है? कब्ज, गैस, जलन या बार-बार पेट दर्द जैसी समस्याएं स्ट्रेस की वजह से हो सकती हैं। दरअसल, टेंशन से पाचन क्रिया स्लो हो जाती है, जिससे खाना सही से नहीं पचता और पेट की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

थायरॉइड और हार्मोनल प्रॉब्लम्स

तनाव का सीधा असर हमारे हार्मोन पर पड़ता है। महिलाओं में स्ट्रेस की वजह से थायरॉइड बढ़ सकता है या पीसीओएस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। लगातार स्ट्रेस में रहने से शरीर का हॉर्मोनल बैलेंस बिगड़ने लगता है, जिससे थकान, वजन बढ़ना और मूड स्विंग्स जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

वजन बढ़ना यानी ओबेसिटी

स्ट्रेस में अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं, खासकर मीठा या जंक फूड। इसके साथ ही, शारीरिक एक्टिविटी भी कम हो जाती है, जिससे वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। कई बार लोग "फेवरेट फूड" के जरिए अपना मूड ठीक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे नुकसान ही होता है।

इम्यून सिस्टम हो जाता है कमजोर

जब दिमाग तनाव में होता है, तो शरीर की इम्युनिटी यानी रोगों से लड़ने की ताकत भी कम हो जाती है। ऐसे में आप जल्दी-जल्दी बीमार पड़ सकते हैं, चाहे वो सर्दी-जुकाम हो या कोई और इंफेक्शन। यानी आपका शरीर बाहरी बीमारियों से लड़ने में कमजोर पड़ने लगता है।

नींद उड़ जाती है

क्या आपने कभी सोचा है आखिर तनाव भरे दिमाग को नींद कैसे आएगी? स्ट्रेस और एंजाइटी से नींद पर बहुत बुरा असर पड़ता है। बार-बार नींद खुलना, नींद ना आना या सुबह जल्दी जाग जाना, ये सभी अनिद्रा के लक्षण हैं, जो शरीर और दिमाग दोनों को थका देते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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