Emergency Step After Heart Attack : हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। जो आज बहुत से लोगों के साथ घटती हुई दिखाई देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हार्ट अटैक आने पर यदि कुछ बातों का ध्यान रखकर प्राथमिक उपचार सही से दिया जाए तो आपकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाता है। कई बार लोग घबराहट के कारण सही निर्णय लेने में देर कर देते हैं, जिससे मरीज की जान चली जाती है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे हार्ट अटैक आने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
शुरु के 15 मिनट सबसे अहम
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हार्ट अटैक आने के बाद के 15 मिनट जान बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं। हालांकि कुछ लोग 1 घंटे को भी अहम मानते हैं, जिसे वह गोल्डन ऑवर के नाम से जानते हैं। आज हम आपको शुरुआती 15 मिनट में करने वाले वह 3 काम बताने जा रहे हैं, जो हार्ट अटैक आने पर मरीज की जान बचा सकते हैं।
इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ज्यादातर हार्ट अटैक के मामलों में डॉक्टर के पास देर से पहुंचना ही मरीज के लिए जानलेवा होता है। इसलिए यदि आपके आसपास किसी को ऐसी कंडीशन से गुजरना पड़े, तो आपको तुरंत मेडिकल इमरजेंसी नंबर (112) पर कॉल करनी चाहिए।
सीपीआर दें
हार्ट अटैक में जान बचाने के लिए सीपीआर सबसे अहम साबित होता है। जी हां यदि व्यक्ति बेहोश है, तो तुरंत सीपीआर दें। हालांकि यदि व्यक्ति सांस ही न ले पाए तो आपको बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
एस्पिरिन दें
जब तक आप किसी एक्सपर्ट के पास न पहुंच जाएं तब तक आपको एक एस्पिरिन टेबलेट मरीज को चबाकर खिला देनी चाहिए। ये आपके शरीर में खून का थक्का बनने से रोकती है। जिससे आपको हार्ट अटैक में जान के जोखिम से बचाव होता है।
निष्कर्ष
हार्ट अटैक का इलाज सही समय पर शुरू कर देने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। सबसे जरूरी है लक्षणों को पहचानना, तुरंत चिकित्सा सहायता लेना और आगे की देखभाल में कोई लापरवाही न करना। थोड़ी सी जागरूकता और समय पर एक्शन से जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।
