Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अबतक 788 लोगों की मौत हो चुकी है और शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को रात को ताजा बुलेटिन जारी कर बताया कि करीब 500 भारतीय नागरिक अभी चीन की तरफ मौजूद हैं, जो सुरक्षित हैं।
फोरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा
नेपाल में हालिया आपदा के बाद भारत की ओर से राहत और बचाव प्रयास लगातार जारी हैं। पीड़ितों की पहचान और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में मदद के लिए विशेष टीमें भी नेपाल भेजी गई हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 को रात 9:30 बजे तक भारतीय फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें नेपाल में सक्रिय हैं।
भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम ने रविवार को मोर्चा संभाला। टीम नेपाल में आपदा में मारे गए लोगों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल की जांच में स्थानीय अधिकारियों की मदद करेगी।
चीन से नेपाल आए 403 भारतीय
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 403 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित रूप से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि करीब 500 भारतीय नागरिक अभी चीन की तरफ मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। भारत लगातार नेपाल में फंसे या प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और राहत-बचाव प्रयासों पर नजर बनाए हुए है।
अबतक कितने लोगों की हुई मौत?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने बताया कि इस त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है, जबकि करीब 9500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
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नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट हिमनद के टूटने के बाद 26 अगस्त को हिमस्खलन जैसी घटना से पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया, जिसने मध्य नेपाल में कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और जलविद्युत केंद्रों को नष्ट कर दिया।
हिमालयी सीमावर्ती इलाके से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से मकान, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा
