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शुगर क्रेविंग से हैं परेशान, Dr Pal ने बताए असली कारण और बचने के उपाय

sugar cravings: बहुत से लोग बार-बार मीठा खाने की आदत से परेशान हैं। कई बार हम तय करते हैं कि अब मीठा नहीं खाएंगे, लेकिन कुछ देर बाद इसकी तलब फिर शुरू हो जाती है।

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शुगर क्रेविंग को कैसे रोकें

sugar cravings: क्या आपको खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही कुछ मीठा खाने का मन करने लगता है? खासकर रात में मिठाई, चॉकलेट या कुछ मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है? ऐसा सिर्फ आपकी इच्छाशक्ति कमजोर होने की वजह से नहीं होता। इसके पीछे शरीर और दिमाग से जुड़ी कई वजहें हो सकती हैं। प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पलानीअप्पन मणिकम जो यूट्यूब पर Dr. Pal के नाम से फेमस हैं उनके मुताबिक, शुगर क्रेविंग को सिर्फ इच्छाशक्ति की कमी समझना सही नहीं है। इसके पीछे ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव, खाने में प्रोटीन की कमी, तनाव, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन और गट हेल्थ जैसी कई चीजें भूमिका निभा सकती हैं।

ब्लड शुगर तेजी से बढ़ना और फिर गिरना

मीठी चीजें या बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाने पर ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसके जवाब में शरीर इंसुलिन रिलीज करता है, जो ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। समस्या तब हो सकती है जब ब्लड शुगर तेजी से ऊपर जाने के बाद तेजी से नीचे भी आने लगे। ऐसे समय शरीर को जल्दी ऊर्जा की जरूरत महसूस हो सकती है और आपको फिर से कुछ मीठा खाने का मन करने लगता है। यानी कई बार जिस चीज से क्रेविंग शुरू हुई, वही चीज दोबारा क्रेविंग का कारण बन जाती है।

खाने में प्रोटीन की कमी

अगर आपके खाने में प्रोटीन कम है और ज्यादातर खाना रोटी, चावल, ब्रेड या दूसरे कार्बोहाइड्रेट पर ही निर्भर है, तो पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस नहीं कर सकता। ऐसे में कुछ घंटों बाद फिर भूख लग सकती है और शरीर जल्दी मिलने वाली ऊर्जा की तलाश करने लगता है। मीठी चीजें इस स्थिति में सबसे आसान विकल्प लगती हैं। इसलिए हर मील में प्रोटीन का अच्छा स्रोत शामिल करना मददगार हो सकता है। जैसे दाल, पनीर, दही, अंडे, मछली, चिकन, सोया या दूसरे प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ।

तनाव में मीठा ज्यादा अच्छा क्यों लगता है

क्या आपने कभी गौर किया है कि तनाव भरे दिन के बाद आपको चॉकलेट या मिठाई खाने का मन ज्यादा करता है? इसके पीछे दिमाग का रिवॉर्ड सिस्टम भी भूमिका निभा सकता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो दिमाग जल्दी से ऐसी चीज चाहता है जिससे हमें अच्छा महसूस हो। मीठा खाने से थोड़े समय के लिए आनंद या रिवॉर्ड जैसा एहसास मिल सकता है। इसी वजह से कुछ लोगों में तनाव के दौरान शुगर क्रेविंग बढ़ जाती है। इसलिए हर बार क्रेविंग होने पर खुद को दोष देने के बजाय यह समझना जरूरी है कि उस समय आप वास्तव में भूखे हैं या तनाव में हैं।

नींद और पानी की कमी

अगर आप रात में ठीक से नहीं सो रहे हैं, तो अगले दिन थकान और भूख दोनों ज्यादा महसूस हो सकती हैं। इसी तरह कई बार शरीर को पानी की जरूरत होती है, लेकिन हमें वह भूख या क्रेविंग जैसी महसूस हो सकती है। इसलिए अगर अचानक कुछ मीठा खाने का मन करे तो पहले यह भी देखें कि आपने दिनभर पर्याप्त पानी पिया है या नहीं और पिछली रात आपकी नींद कैसी रही थी।

शुगर क्रेविंग को कम कैसे करें

मीठा खाने की इच्छा को कम करने के लिए आपको हमेशा चीनी को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। ज्यादा जरूरी है कि खाने और लाइफस्टाइल की उन आदतों को ठीक किया जाए जो बार-बार क्रेविंग को बढ़ा रही हैं। नाश्ते, लंच और डिनर में प्रोटीन का कोई अच्छा स्रोत शामिल करें। इससे आपका खाना ज्यादा संतुलित रहेगा और पेट भरा हुआ महसूस करने में मदद मिल सकती है।

क्या चीनी पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए?

जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को चीनी पूरी तरह छोड़नी ही पड़े। ज्यादा जरूरी है कि अतिरिक्त चीनी की मात्रा को सीमित किया जाए और रोज की डाइट को संतुलित बनाया जाए। अगर आपकी पूरी डाइट में प्रोटीन, फाइबर और पौष्टिक खाद्य पदार्थ पर्याप्त हैं, नींद ठीक है और आप तनाव को मैनेज कर पा रहे हैं, तो कभी-कभार थोड़ी मिठाई खाना और हर दिन बार-बार मीठा खाने की आदत-इन दोनों में काफी फर्क है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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