अध्यात्म

ढाई दिन खास सावधानी बरतें इन 6 राशियों के लोग, मीन में बन गया है विष योग

Chandra Shani Vish Yog 2026 : 29 अगस्त को चंद्रमा ने मीन राशि में गोचर कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने यहां पहले से मौजूद शनि के साथ विष योग बना लिया है। इससे कुछ राशि वालों को नुकसान होने की आशंका है।

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चंद्रमा का मीन में जाना किनके लिए खराब रहेगा

Chandra Shani Vish Yog 2026: 29 अगस्त 2026 की रात 9 बजकर 37 मिनट पर चंद्रमा ने मीन राशि में प्रवेश कर लिया है। मीन राशि में पहले से शनि मौजूद हैं। चंद्रमा के पहुंचते ही दोनों ग्रहों की युति बन गई है, जिसे ज्योतिष में विष योग कहा जाता है। चंद्रमा करीब ढाई दिन तक एक राशि में रहते हैं। ऐसे में चंद्रमा के मीन राशि में रहने तक शनि के साथ यह युति बनी रहेगी। इस अवधि में खास तौर पर मन, करियर, फाइनेंस, परिवार और फैसलों से जुड़े मामलों में सावधानी रखने की जरूरत होगी।

ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति, माता और सोच का कारक माना जाता है। वहीं, शनि कर्म, देरी, जिम्मेदारी, अनुशासन, संघर्ष और न्याय के ग्रह हैं। जब चंद्रमा और शनि एक साथ आते हैं तो मन पर जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। व्यक्ति को छोटी बात भी बड़ी लग सकती है और किसी काम का रिजल्ट मिलने में देरी से निराशा हो सकती है। हालांकि, विष योग का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को इन ढाई दिनों में नुकसान ही होगा। कुंडली में चंद्रमा और शनि की स्थिति, लग्न, दशा और गोचर के भाव के आधार पर परिणाम बदल सकते हैं। कुछ लोगों के लिए यह समय गंभीर होकर काम पूरा करने और पुराने मामलों को निपटाने का भी हो सकता है।

चंद्रमा-शनि की युति से क्यों बनता है विष योग

ज्योतिषीय मान्यता में चंद्रमा और शनि की युति को विष योग कहा जाता है। चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि शनि व्यक्ति को जिम्मेदारियों और वास्तविकता का सामना कराते हैं। इस युति में मन की भावनाएं और परिस्थितियों का दबाव एक साथ आ सकते हैं। व्यक्ति किसी बात को लेकर ज्यादा सोच सकता है। काम में देरी होने पर बेचैनी बढ़ सकती है। रिश्तों में दूरी महसूस हो सकती है। इसका दूसरा पहलू भी है। शनि व्यक्ति को धैर्य और अनुशासन सिखाते हैं। इस कारण जो लोग भावनाओं में बहने के बजाय व्यवस्थित तरीके से काम करते हैं, वे इस समय का अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह समय शुभ नहीं रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए यह युति 10वें भाव में बन रही है। 10वां भाव करियर, नौकरी, बिजनेस और पब्लिक इमेज का होता है। ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है। किसी प्रोजेक्ट में देरी होने से सीनियर्स नाराज हो सकते हैं। आपको लगेगा कि आपकी मेहनत को पहचान नहीं मिल रही है। बिजनेस में पेमेंट अटकने या किसी डील में देरी होने की संभावना बन सकती है। इस समय गुस्से में बॉस को जवाब देना या नौकरी छोड़ने का फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है।

उपाय: सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करें और जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का दान करें।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह युति नौवें भाव में बन रही है। यह भाग्य, धर्म, गुरु, पिता, उच्च शिक्षा और लंबी दूरी की यात्रा से जुड़ा भाव है। किसी काम में उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट न मिलने से निराशा हो सकती है। पिता या किसी सीनियर से विचारों का मतभेद हो सकता है। यात्रा के दौरान प्लान बदल सकता है या किसी काम में देरी हो सकती है। स्टूडेंट्स को पढ़ाई में मन लगाने में परेशानी हो सकती है। इस समय भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय अपने प्रयास को मजबूत रखना जरूरी होगा।

उपाय: सोमवार को चावल या दूध का दान करें और भगवान शिव की पूजा करें।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए चंद्रमा-शनि की युति सातवें भाव में बन रही है। यह विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनर और पब्लिक डीलिंग का भाव है। पति-पत्नी के बीच किसी छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है। पार्टनर की बात को गलत समझने से विवाद बढ़ सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ काम या पैसों को लेकर मतभेद संभव है। जो लोग किसी नई पार्टनरशिप की शुरुआत करने जा रहे हैं, उन्हें हर शर्त अच्छी तरह पढ़नी चाहिए। इन ढाई दिनों में रिश्ते को लेकर अंतिम फैसला लेने के बजाय बातचीत करना बेहतर रहेगा।

उपाय: सोमवार को सफेद चावल का दान करें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।

धनु राशि

धनु राशि के लिए चंद्रमा और शनि चौथे भाव में हैं। यह घर, माता, प्रॉपर्टी, वाहन और मानसिक शांति का भाव है। घर के किसी सदस्य के साथ मतभेद हो सकता है। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े किसी काम में रुकावट आ सकती है। माता की सेहत या उनकी किसी परेशानी को लेकर चिंता बढ़ सकती है। घर का माहौल भारी महसूस हो सकता है। इन ढाई दिनों में घर के किसी मुद्दे को लेकर बहस बढ़ाने के बजाय शांत रहना ज्यादा फायदेमंद होगा।

उपाय: सोमवार को माता का आशीर्वाद लें और शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं।

मकर राशि

मकर राशि के लिए चंद्रमा और शनि तीसरे भाव में हैं। तीसरा भाव कम्युनिकेशन, छोटे भाई-बहन, प्रयास और छोटी यात्राओं का है। आपकी किसी बात को गलत समझा जा सकता है। भाई-बहन के साथ किसी मुद्दे को लेकर बहस हो सकती है। काम में मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, लेकिन रिजल्ट तुरंत न मिलने से निराशा आ सकती है। छोटी यात्रा के दौरान भी असुविधा हो सकती है। इन ढाई दिनों में कम बोलना और सोच-समझकर बोलना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

उपाय: सोमवार को शिव मंदिर में सफेद फूल चढ़ाएं और किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।

मीन राशि

मीन राशि में ही चंद्रमा और शनि की युति बनी है। इस राशि के लोगों पर विष योग का असर सबसे सीधा माना जा सकता है। मन में पुरानी बातें घूम सकती हैं। किसी काम को लेकर कन्फ्यूजन या निराशा बढ़ सकती है। आपको लग सकता है कि मेहनत के बावजूद रिजल्ट नहीं मिल रहा है।

करियर में कोई जिम्मेदारी अचानक बढ़ सकती है। बॉस या सीनियर की तरफ से दबाव आ सकता है। बिजनेस करने वालों को किसी डील के अटकने से तनाव हो सकता है। इन ढाई दिनों में सबसे जरूरी है कि भावनाओं के आधार पर कोई बड़ा फैसला न लें।

उपाय: सोमवार को भगवान शिव को जल अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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