Ghee Adulteration Test By FSSAI: भारतीय रसोई में घी सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि इसे सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन अगर घी में मिलावट हो, तो यही फायदेमंद खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी बन सकता है। इसी को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने लोगों को जागरूक करने के लिए एक वीडियो जारी किया है, जिसमें घी की शुद्धता जांचने का आसान तरीका बताया गया है।
FSSAI के अनुसार, कुछ मामलों में घी में सस्ते वनस्पति तेल (Vanaspati) या हाइड्रोजेनेटेड खाद्य वसा मिलाकर बेचा जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि वे घर पर ही मिलावट की पहचान कैसे कर सकते हैं।
ऐसे करें घी में मिलावट की जांच
FSSAI द्वारा साझा किए गए तरीके के मुताबिक, घी के एक नमूने में सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Concentrated Hydrochloric Acid) मिलाकर इसकी जांच की जा सकती है।
जांच के दौरान यदि घी में वनस्पति या हाइड्रोजेनेटेड वसा की मिलावट होगी, तो मिश्रण का रंग लाल या गुलाबी दिखाई देने लगेगा। वहीं, यदि घी शुद्ध है तो रंग में कोई बदलाव नहीं होगा।
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रंग बदलने के पीछे क्या है वजह
FSSAI के मुताबिक, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल शर्करा के अणुओं को ग्लूकोज और फ्रुक्टोज में तोड़ देता है। इसके बाद बनने वाले कुछ यौगिक वनस्पति तेल में मौजूद तत्वों के साथ प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे मिश्रण लाल या गुलाबी रंग का हो जाता है। यही रंग परिवर्तन मिलावट का संकेत माना जाता है।
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क्यों जरूरी है शुद्ध घी का इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, मिलावटी खाद्य पदार्थ लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। इसलिए हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद स्रोतों से ही घी खरीदना चाहिए। साथ ही, पैकेजिंग, लेबल और गुणवत्ता संबंधी जानकारी पर भी ध्यान देना जरूरी है।
FSSAI की उपभोक्ताओं को सलाह
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध खाद्य उत्पाद की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। जागरूकता और सावधानी ही मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
जरूरी बातें एक नजर में
- घी में वनस्पति या हाइड्रोजेनेटेड फैट की मिलावट की आशंका हो सकती है।
- FSSAI ने मिलावट पहचानने के लिए जागरूकता वीडियो जारी किया है।
- मिलावट होने पर नमूने का रंग लाल या गुलाबी हो सकता है।
- शुद्ध घी में रंग में कोई बदलाव नहीं दिखाई देता।
- उपभोक्ताओं को केवल भरोसेमंद स्रोतों से घी खरीदने की सलाह दी गई है।
अगर आप भी असली और नकली घी के बीच फर्क नहीं कर पाते हैं, तो FSSAI का ये टेस्ट फॉलो करके आप अब आसानी से अपनी कंफ्यूजन दूर कर सकते हैं।
