हेल्थ

बच्चों के लिए मीठा जहर बने बुढ़िया के बाल, जहरीले केमिकल के चलते देश में यहां Cotton Candy बैन - एक्सपर्ट से जानें नुकसान

Cotton Candy Side Effects In Hindi: पुडुचेरी सरकार ने गुड़िया के बाल में जहरीले केमिकल मिलाए जाने की वजह से इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। इस लेख में जानें क्या है पूरा मामला....

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Cotton Candy Side Effects In Hindi

Photo : Shutterstock.com

Cotton Candy Side Effects In Hindi: गुड़िया के बाल या कॉटन कैंडी की बिक्री को पुडुचेरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, उन्होंने राज्य में कॉटन कैंडी की बिक्री को पर रोक लगा दी है। गुड़िया के बाल आज भी जहां दिख जाए, तो लोगों का इसे खाने के लिए मन ललचाने लगता है। इसे खाते ही बचपन यादें ताजा होने लगती हैं। इसका मुंह में रखते ही घुल जाने वाल नेचर और बेहतरीन स्वाद आज भी बचपन के दिनों की याद दिलाता है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, अपने जीवन में गुड़िया के बाल न खाए होंगे। लेकिन पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन की मानें, तो यह स्वास्थ्य के लिए किसी मीठे से जहर से कम नहीं है। इसका सेवन सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए पुडुचेरी सरकार ने इसकी बिक्री पर अब प्रतिबंध लगा दिया है।

कॉटन कैंडी को क्यों किया गया बैन?- Why Cotton Candy Banned In Puducherry

पुडुचेरी सरकार ने गुड़िया के बाल की प्रतिबंध लगाने के पीछे का मुख्य कारण कॉटन कैंडी के निर्माण में जहरीले रसायनों का उपयोग किये जाने को बताया है। इसमें कई ऐसे केमिकल डाले जाते हैं, जो सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने कॉटन कैंडी पर बैन की घोषणा अपने अधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल के माध्यम से की। उन्हें अपने हैंडल से एक वीडियो शेयर किया, जिसमें पेरेंट्स से अनुरोध किया कि बच्चों के लिए कॉटन कैंडी न खरीदें, क्योंकि इसमें हानिकारक केमिकल होते हैं, जो उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकते हैं।

विडियो क्लिप में राज्यपाल ने कहा, "कॉटन कैंडी में 'रोडामाइन बी' नाम के जहरीले केमिकल का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि बच्चों को ऐसे फूड्स नहीं देने चाहिए, जिनमें आर्टीफिशियल रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।" नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH.gov) की मानें तो 'रोडामाइन बी' नामक केमिकल कंपाउंड डाई के समान काम करता है।

क्या अब नहीं खा सकेंगे गुड़िया के बाल?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो जिन विक्रेताओं के पास खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दिया गया है क्वालिटी सर्टिफिकेट है, वे कॉटन कैंडी बेच सकते हैं। सरकारी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे कॉटन कैंडी बेचने वाली दुकानों का निरीक्षण करें, अगर वे इसे बनाने के लिए हानिकारक केमिकल का प्रयोग करते हैं, तो उनके लाइसेंस जब्त किये जाएंगे।

क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?

नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) के CEO डॉ. अतुल मोहन कोचर के अनुसार, " जहरीले पदार्थ वाले ऐसे प्रोडक्ट्स के सेवन के लंबे समय तक चलने वाले नकारात्मक प्रभावों को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है। रोडामाइन बी एक खतरनाक जहर की तरह है, जो लिवर डैमेज और यहां तक कि कैंसर जैसे गंभीर खतरे पैदा करता है। उपभोक्ताओं को अपने बच्चों के लिए ऐसे उत्पाद न खरीदने की शिक्षा देने के साथ-साथ परीक्षण की भूमिका भी अनिवार्य है, जिनमें मिलावटी रंग शामिल हैं। इसके अलावा, विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा विभागों से गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना एक सकारात्मक कदम है, जो सुरक्षा मानकों और उपभोक्ता विश्वास का पालन सुनिश्चित करता है।"

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

TNN Health Desk
TNN हेल्थ डेस्क author

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