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100% आटा, नो एडेड शुगर और 'डाइजेस्टिव' दावे पर घिरी कंपनी, FSSAI ने भेजा नोटिस

FSSAI ने एक कंपनी को नोटिस भेजा है जिसने अपने प्रोडक्ट पर 100% आटा, नो एडेड शुगर और डाइजेस्टिव जैसे दावे किए थे। इन दावों की सच्चाई अब जांच के घेरे में है।

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FSSAI की बड़ी कार्रवाई (फोटो: AI)

खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने SAJ Food Products को उसके 'Eat Fit Digestive Biscuits' पर किए गए कथित भ्रामक दावों के मामले में नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद की गई है। FSSAI ने कंपनी से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है और पूछा है कि उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई क्यों ना की जाए।

उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिस्कुट के पैकेट के सामने 100% आटा लिखा गया है, जबकि उत्पाद की सामग्री (Ingredients) में केवल 72.33% आटा बताया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया गया। जांच के दौरान FSSAI ने कई अनियमितताएं पाईं। पहली, पैकेट पर लिखा 'No Added Sugar' दावा भ्रामक पाया गया, क्योंकि उत्पाद में माल्टोडेक्सट्रिन (Maltodextrin) और ग्लूकोज सिरप सॉलिड्स (Glucose Syrup Solids) मौजूद हैं।

दूसरी, 100% आटा का दावा भी सही नहीं पाया गया, क्योंकि उत्पाद में आटे के अलावा अन्य सामग्री और एडिटिव्स भी शामिल हैं। साथ ही यह दावा FSSAI की उस सलाह का भी पालन नहीं करता, जिसमें 100% जैसे दावों को बंद करने की बात कही गई है।

उत्पाद के नाम पर उठे सवाल

उत्पाद के नाम- Eat Fit Digestive पर भी सवाल उठाए गए हैं। FSSAI का कहना है कि Digestive शब्द का इस्तेमाल करने के लिए Food Safety and Standards (Advertising & Claims) Regulations, 2018 के तहत वैज्ञानिक प्रमाण और उचित आधार होना जरूरी है।

अब FSSAI ने कंपनी को 7 दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो FSS Act, 2006 के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी देने तथा भ्रामक विज्ञापनों पर सख्ती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बता दें कि FSSAI भारत की एक सरकारी संस्था है जो खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी और सेफ्टी को कंट्रोल करती है। इसका काम ये देखना होता है कि जो भी फूड प्रोडक्ट बाजार में बिक रहा है, वो लोगों के खाने के लिए सुरक्षित हो और उसमें कोई मिलावट ना हो।

यह संस्था कंपनियों को लाइसेंस देती है और उनके प्रोडक्ट पर लिखे दावों की जांच भी करती है। अगर कोई कंपनी गलत या भ्रामक जानकारी देती है तो FSSAI उस पर कार्रवाई कर सकती है और नोटिस भेज सकती है। इसका मुख्य मकसद लोगों को सुरक्षित और सही खाना उपलब्ध कराना है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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