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कॉफी पीने के बाद दिल क्यों धड़कने लगता है तेज? कैफीन का असर सब पर एक जैसा क्यों नहीं

कॉफी कई लोगों की सुबह का जरूरी हिस्सा है, लेकिन कुछ लोगों को इसे पीने के बाद दिल तेज धड़कने, बेचैनी या घबराहट महसूस हो सकती है। जानिए कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग क्यों होता है।

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Coffee for heart

कॉफी का एक कप किसी के लिए सुबह की ताजगी है, तो किसी के लिए इसे पीने के कुछ देर बाद दिल की धड़कन तेज होने की वजह। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो जरूरी नहीं कि कॉफी हर किसी के लिए नुकसानदायक हो। असल बात यह है कि कैफीन का असर हर शरीर पर एक जैसा नहीं पड़ता। किसी व्यक्ति को एक कप के बाद ही बेचैनी महसूस हो सकती है, जबकि कोई ज्यादा मात्रा में कॉफी पीकर भी सामान्य महसूस करता है।

American Heart Association के अनुसार, कैफीन कुछ समय के लिए रक्तचाप, हार्ट रेट और सतर्कता बढ़ा सकता है। वहीं उम्र, शरीर का मेटाबॉलिज्म, जेनेटिक अंतर, रोजाना कैफीन लेने की आदत और कुछ दवाएं भी इसके असर को बदल सकती हैं। इसलिए कॉफी को सिर्फ अच्छी या बुरी चीज मानने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आपका शरीर उसके साथ कैसा व्यवहार करता है।

कॉफी पीने के बाद दिल तेज क्यों धड़कता है?

कैफीन शरीर में उत्तेजक की तरह काम करता है। यह नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ती है और हार्ट रेट या ब्लड प्रेशर में बदलाव हो सकता है। इसी वजह से सेंसिटिव लोगों को धड़कन तेज, जोर से या कभी-कभी अनियमित महसूस हो सकती है। लेकिन यहां एक जरूरी बात है। दिल का तेजी से धड़कना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कभी-कभी तनाव, कम नींद, ज्यादा कैफीन या शरीर में पानी और मिनरल्स का असंतुलन भी ऐसी अनुभूति करा सकता है।

कैफीन से हो सकती है दिक्कत

कई बार समस्या कॉफी के एक कप में नहीं, बल्कि पूरे दिन में जमा हुई कैफीन में होती है। चाय, चॉकलेट, कुछ सॉफ्ट ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक भी कैफीन दे सकते हैं। इसलिए अगर दिन में कई स्रोतों से कैफीन लिया जा रहा है, तो कुल मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। American Heart Association के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों में रोजाना 400 मिलीग्राम तक कैफीन आमतौर पर हृदय संबंधी जोखिम बढ़ाने से जुड़ा नहीं पाया गया है। लेकिन यह कोई हर व्यक्ति के लिए तय मात्रा नहीं है। सभी की संवेदनशीलता अलग हो सकती है।

क्या करें

अगर कॉफी पीने के बाद बार-बार धड़कन तेज होती है, तो सबसे पहले अपनी मात्रा और समय पर ध्यान दें। कुछ दिनों तक देखें कि कितनी कॉफी के बाद यह समस्या होती है। देर शाम की कॉफी नींद को भी प्रभावित कर सकती है और खराब नींद अगले दिन थकान और बेचैनी बढ़ा सकती है। कैफीन कम करना हो तो अचानक बहुत ज्यादा कटौती करने के बजाय धीरे-धीरे मात्रा घटाना आसान रह सकता है। नियमित रूप से कैफीन लेने वालों को अचानक कमी करने पर सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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