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किसने और क्यों फैलाई पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह, जिसके बाद मची अफरातफरी और कर्नाटक एक्सप्रेस ने दिया यात्रियों को रौंद

महाराष्ट्र के जलगांव में पुष्पक एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ जो हादसा हुआ है, उसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जब ट्रेन में आग लगी नहीं तो आग की अफवाह कैसे उड़ी। रेलवे के एक अधिकारी इसकी जांच में जुटे हैं।

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कैसे हुए पुष्पक एक्प्रेस हादसा

KEY HIGHLIGHTS
  • जलगांव ट्रेन हादसे में 12 यात्रियों की मौत
  • पुष्पक एक्सप्रेस के यात्री बने हादसे के शिकार
  • घायलों का इलाज अस्पताल में जारी

महारष्ट्र के जलगांव में आज एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है। लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह फैली, यात्रियों ने ट्रेन की चेन खींची और ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद जान बचाने के लिए ट्रेन से कूद पड़े। तभी दूसरी ओर से कर्नाटक एक्सप्रेसवे आ गई, जो दिल्ली के लिए बेंगलुरु से आ रही थी, इस ट्रेन की चपेट में पुष्पक एक्सप्रेस के यात्री आ गए, कुल 12 लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हैं। अब सवाल ये है कि जब ट्रेन में आग लगी नहीं तो अफवाह कैसे उड़ी, कोई साजिश या फिर ये सिर्फ संयोग रहा। आइए समझते हैं।

हादसे के कारण पर सवाल क्यों

दरअसल अभी तक आग वाली कहानी की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रेन में आग लगी भी थी या नहीं, इसका कोई सबूत सामने नहीं आया है। जब आग लगी नहीं तो ये अफवाह कैसे उड़ी और लोगों ने विश्वास कैसे कर लिया। रेलवे जांच की बात कह रही है, लेकिन कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिससे इस अफवाह को बल मिल सकती है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से पीटीआई ने कहा- “हमें शुरुआती जानकारी मिली है कि पुष्पक एक्सप्रेस के एक डिब्बे में ‘हॉट एक्सल’ या ‘ब्रेक बाइंडिंग’ (जैमिंग) की वजह से चिंगारी निकली और कुछ यात्री घबरा गए। उन्होंने चेन खींच दी। कुछ यात्री पटरी पर कूद गए। उसी समय पास की पटरी से कर्नाटक एक्सप्रेस गुजर रही थी।”

सरकार ने आग की थ्योरी पर क्या कहा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जलगांव में बहुत दुखद घटना घटी है। कुछ लोगों को ऐसा लगा कि ट्रेन में से धुआं उठ रहा है इसलिए वो ट्रेन से खुद ही कूद गए और सामने से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए, जिसके चलते ये दुर्घटना घटी है।

जलगांव ट्रेन हादसे में कितने लोगों की मौत

विशेष पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दत्तात्रय कराले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 12 शव पास के सिविल अस्पताल भेजे गए हैं, जबकि छह से सात लोग घायल हुए हैं। कराले ने पीटीआई से कहा, “माहेजी और परधाडे स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या 372/07 पर पुष्पक एक्सप्रेस में “आग लगने की घटना” घटी। ट्रेन उसी स्थान पर रुक गई और कुछ यात्री नीचे उतर गए। इस दौरान, वे ट्रेन संख्या 12627 (बेंगलुरु-नयी दिल्ली कर्नाटक एक्सप्रेस) की चपेट में आ गए। छह से सात यात्री घायल हुए हैं। सभी घायल यात्रियों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। किसी को भी कोई गंभीर चोट नहीं आई है। दोनों ट्रेन अपने अगले निर्धारित स्टेशन पर पहुंच गई हैं और दुर्घटनास्थल से मलबा हटा दिया गया है।”

कहां घटी घटना

पुष्पक एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ ये दुर्घटना मुंबई से 400 किलोमीटर से भी अधिक दूर स्थित पचोरा के निकट माहेजी और परधाडे स्टेशनों के बीच हुई जहां शाम करीब पांच बजे लखनऊ-पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह के कारण किसी ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई। मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता स्वप्निल नीला ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस के कुछ यात्री नीचे उतर गए और बेंगलुरु से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। घटनास्थल के कुछ वीडियो में कुछ लोगों के शव और क्षत-विक्षत अंग देखे जा सकते हैं।

अब कहां है ट्रेन

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस हादसे के महज 15 मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल से रवाना हो गई, जबकि कर्नाटक एक्सप्रेस ने 20 मिनट में आगे की यात्रा शुरू की। भुसावल से एक राहत ट्रेन मौके पर भेज दी गई है और मध्य रेलवे घायलों को चिकित्सा सहायता मुहैया कराने की हर संभव कोशिश कर रहा है।

मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर दुख जताया और कहा कि क्षेत्र के सरकारी एवं निजी अस्पतालों को हादसे में घायल यात्रियों के इलाज के लिए सभी जरूरी तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है। फडणवीस ने कहा कि इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंत्री गिरीश महाजन घटनास्थल पर पहुंचे और जिन लोगों की मौत हुई है या जो घायल हैं, उनके इलाज की व्यवस्था की जा रही है। मेरी पुलिस और जिला प्रशाशन से बात हुई है, जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवार को 5 लाख रुपये का राज्य सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा और घायलों का मुफ्त में इलाज किया जाएगा। घायलों और मृतकों को जो भी रिश्तेदार आ रहे हैं, उनके लिए भी व्यवस्था की जा रही है। मंत्री गिरीश महाजन सारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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