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G20: लूला दा सिल्वा से लेकर मैक्रों तक... दुनिया में हर तरफ हो रही PM मोदी की 'Hug Diplomacy' की चर्चा

G20 Summit In South Africa: दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, जिनमें इटली, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, फ्रांस और दक्षिण कोरिया के नेता शामिल रहे। पीएम मोदी की गर्मजोशी भरी मुलाकातों और ‘हग डिप्लोमेसी’ की इस बार काफी चर्चा रही। सम्मेलन में भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने मिलकर नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पार्टनरशिप की घोषणा की।

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जी 20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कई नेताओं से की मुलाकात।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)

G20 Summit In South Africa: दक्षिण अफ्रीका में चल रहे जी20 शिखर सम्मेलन में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi In G20) ने दुनिया के अलग-अलग देशों से पहुंचे नेताओं से मुलाकात की। पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की और हाथ जोड़कर नमस्ते कहा।

अफ्रीकी राष्ट्रपति रामाफोसा सहित कई नेताओं से उन्होंने गर्मजोशी से मुलाकात की। जोहन्सबर्ग में पीएम मोदी की 'Hug Diplomacy' की काफी चर्चा हो रही है। इस वर्ष दक्षिण अफ्रीका ने अपने जी20 थीम के रूप में ‘एकजुटता, समानता और सततता’ को चुना है।

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पीएम मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।(फोटो सोर्स: MEA)

किन-किन नेताओं से पीएम मोदी की हुई मुलाकात?

जोहान्सबर्ग में पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्‍टार्मर से भी मुलाकात की। इसे लेकर पीएम मोदी ने एक्‍स पर लिखा कि स्‍टार्मर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। यह वर्ष भारत-ब्रिटेन साझेदारी में नई ऊर्जा लेकर आया है और हम इसे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाते रहेंगे।

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पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की।(फोटो सोर्स: MEA)

शिखर सम्‍मेलन में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के बीच बैठक हुई। पीएम मोदी ने कहा कि हमें आज ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।

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पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी से बातचीत की।(फोटो सोर्स: MEA)

वहीं, पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को गले लगाया और दोनों के बीच कुछ समय तक बातचीत हुई।

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पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से मुलाकात की।(फोटो सोर्स: MEA)

इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भी द्विपक्षीय बैठक हुई।

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पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात की।(फोटो सोर्स: MEA)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी पीएम मोदी की अच्छी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा, भारत-फ्रांस संबंध को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

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पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की।(फोटो सोर्स: MEA)

पीएम मोदी ने नैस्पर्स कंपनी के अध्यक्ष से की मुलाकात

इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन से इतर शुक्रवार को नैस्पर्स कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के साथ बैठक की तथा भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश बढ़ाने पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी ने दक्षिण अफ्रीकी बहुराष्ट्रीय इंटरनेट और प्रौद्योगिकी कंपनी के अध्यक्ष कूस बेकर तथा सीईओ फैब्रिसियो ब्लोसी से मुलाकात की। बैठक में “भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र, एआई, स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्रों में निवेश का विस्तार करने तथा उपभोक्ता बाजार और प्रौद्योगिकी में नए अवसर तलाशने” पर केंद्रित चर्चा हुई।

जी20 में शामिल क्यों नहीं हुए ट्रंप?

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के उनके समकक्ष शी चिनफिंग इस साल जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने जोहान्सबर्ग में होने वाले इस सम्मेलन में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। इसकी वजह के तौर पर उन्होंने दक्षिण अफ्रीका सरकार पर लगाए गए नस्लीय भेदभाव के आरोपों और समिट के DEI—डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन एजेंडा से असहमति को जिम्मेदार बताया है।

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जी 20 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए डोनाल्ड ट्रंप।(फोटो सोर्स: AP)

ट्रंप का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका की सरकार श्वेत किसानों की जमीनें जब्त कर रही है और उन्हें निशाना बनाए जाने दे रही है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका सरकार इन दावों को लगातार खारिज करती रही है।

राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने इस विवाद पर संयमित प्रतिक्रिया देते हुए सिर्फ इतना कहा, “उनकी गैरमौजूदगी से नुकसान उन्हीं का है।”

इस बार अमेरिका की गैरमौजूदगी में पहली बार नेताओं ने घोषणा पत्र पर मुहर लगाई गई है। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा की सरकार ने अमेरिकी बहिष्कार और केवल एकतरफा बयान जारी करने के दबाव के बावजूद, अन्य G20 सदस्यों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया और एक घोषणा को अंतिम रूप दिया और अपनाया। रामाफोसा ने पहले कहा था, ‘हम डरेंगे नहीं।’

बता दें कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु संकट और असमानता जैसे बड़े मुद्दों पर दुनिया चिंतित है। सभी नेताओं की कोशिश है कि इन चुनौतियों से लड़ने के लिए कोई समाधान की तलाश की जाए।

भारत ने वैश्विक मेडिकल रिस्पांस कोर बनाने का रखा प्रस्तावपीएम मोदी ने शनिवार को सम्मेलन को संबोधित किया। वहीं, उन्होंने चार नए प्रस्ताव भी रखे। प्रस्तावों में ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी, अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव, ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम और ड्रग-टेरर नेक्सस का मुकाबला करने की पहल शामिल है।

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भारत ने वैश्विक मेडिकल रिस्पांस कोर बनाने का रखा प्रस्ताव।(फोटो सोर्स: ANi)

जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक G20 Global Medical Corps (वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल) के गठन का प्रस्ताव रख रहा है।

जी 20 शिखर सम्मेलन का महत्व

  • G20 दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
  • यह समूह वैश्विक 85% GDP, 75% व्यापार और 60% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है।
  • हर साल आयोजित होने वाला G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है।
  • सम्मेलन में आर्थिक स्थिरता, वैश्विक व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य संकट और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है।
  • जलवायु परिवर्तन और सतत विकास लक्ष्यों पर सामूहिक रणनीतियां बनाने में G20 की अहम भूमिका है।
  • 2008 की आर्थिक मंदी और कोविड महामारी जैसे वैश्विक संकटों के समय G20 ने प्रमुख नेतृत्व और समन्वय किया।
  • यह मंच महाशक्तियों को संवाद और कूटनीति के लिए एक साथ लाकर तनाव कम करने और सहयोग बढ़ाने में मदद करता है।
  • जी20 की नीतियों और फैसलों का प्रभाव दुनिया के लगभग हर देश पर पड़ता है, चाहे वह सदस्य हो या नहीं।
  • भविष्य की वैश्विक आर्थिक दिशा तय करने में G20 का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

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Piyush Kumar
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पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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