Elvish Yadav Snake Venom Case: यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी 2 विनर एल्विश यादव विवादों में घिरे रहते हैं। बीते 17 मार्च को एल्विश यादव को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पिछले साल एल्विश पर नोएडा के सेक्टर 49 थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने गिरफ्तार कर एल्विश को कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एल्विश को जेल में 3 दिन हो गए हैं। इस मामले में अब एल्विश के वकील प्रशांत राठी ने मीडिया के सामने आकर एल्विश की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने एल्विश की गिरफ्तारी को गलत बताया है।
प्रशांत ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा कि 26 साल के यूट्यूबर एल्विश को पुलिस ने पूछताछ के लिए CrPC सेक्शन 160 के तहत बुलाया था। इसके बाद उसे पुलिस ने अवैध तरीके से हिरासत में ले लिया। यह केस पिछले साल नवंबर में दर्ज हुआ है। इस केस के सिलसिले में पुलिस ने एल्विश से 5 बार पूछताछ की है। रविवार शाम जिस तरीके से पुलिस ने एल्विश को गिरफ्तार किया वह पूरी तरह से अवैध था। साथ ही पुलिस ने एल्विश को यह भी नहीं बताया कि उसे आरोप पर गिरफ्तार किया जा रहा है। एल्विश उस पार्टी में मौजूद नहीं था। WPA के तहत सिर्फ सरकारी अधिकारी ही इस मामले में कंप्लेन दर्ज करवा सकते हैं। हालांकि यहां एक NGO ने कंप्लेन दर्ज करवाई है। यह पूरी तरह से WPA का उल्लघंन है।
वकील ने आगे कहा- यादव के पास से एनडीपीएस के तहत प्रतिबंधित पदार्थ नहीं बरामद किया गया है। दूसरा जिस सांप के जहर की बात हो रही है उसका एनडीपीएस के तहत प्रतिबंधित मनोदैहिक पदार्थों की सूची में भी उल्लेख नहीं है। एनडीपीएस एक विशेष अधिनियम है और एक जांचकर्ता को मामले में एक अलग एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता होती है। इस अधिनियम के तहत अपराधों को मौजूदा एफआईआर में नहीं जोड़ा जा सकता है, जो एनडीपीएस का उल्लंघन है।
