Mahadev And Sons Makers Troll: टीवी के पॉपुलर सीरियल 'महादेव एंड सन्स' ने सुर्खियां बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 'महादेव एंड सन्स' में शक्ति आनंद, स्नेहा वाघ, आसिम खान और गर्विता साधवानी जैसे कलाकार मुख्य भूमिका अदा कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में 'महादेव एंड सन्स' सीरियल लोगों के निशाने पर आ गया है। शो के एक सीन को लेकर लोगों ने मेकर्स को लताड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इतना ही नहीं, सीरियल पर रोमांस के नाम पर घरेलू हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है। सोशल मीडिया पर 'महादेव एंड सन्स' की जमकर थू-थू भी हो रही है। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: Sanchita Ugale की मौत पर हुआ बड़ा खुलासा, सेट पर Ujjwal Sharma ने की थी बॉडी शेमिंग; को-स्टार ने खोली पोल
क्या है 'महादेव एंड सन्स' का वो सीन?
'महादेव एंड सन्स' (Mahadev And Sons) सीरियल के इस सीन में दिखाया गया कि धीरज रज्जी को बेड पर धक्का दे देता है। इतना ही नहीं, धीरज रज्जी के हाथ को जानबूझकर गर्म आयरन से जलाता है। वहीं जब वह दर्द से कराहती है तो धीरज उसके मुंह पर हाथ रखकर उसकी आवाज दबा देता है। वो रज्जी से कहता है कि उसके मन में रज्जी के लिए कभी प्यार नहीं होगा, बल्कि सिर्फ और सिर्फ नफरत है। 'महादेव एंड सन्स' के इस सीन ने दर्शकों का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सोशल मीडिया पर इस सीन को लेकर लोग खूब आक्रोश जता रहे हैं। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: Sambhavna Seth ने दिखाई अपने 'नन्हे राजकुमार' की पहली झलक, शादी के 10 साल बाद बनीं जुड़वा बच्चों की मां
'महादेव एंड सन्स' (Mahadev And Sons) के इस सीन पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक यूजर ने लिखा, "ये मारपीट को रोमांटिक तरीके से दिखा रहे हैं। पहेल उसे धक्का दिया, उसे थप्पड़ मारा, उसपर बाल्टी भरकर पानी डाल दिया। और अब उसका हाथ आयरल से जलाकर उसकी चीखें भी रोमांस के नाम पर दबा दीं। इस घटिया चीज को खत्म करो।"

Mahadev And Sons पर लगा घरेलू हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप
'महादेव एंड सन्स' (Mahadev And Sons) पर दूसरे यूजर ने धीरज महादेव के किरदार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, "घरेलू हिंसा करने वाला धीरज महादेव। ये हमेशा से ही अपनी पत्नी से ऐसे ही बर्ताव कर रहा है।" तीसरे यूजर ने लिखा, "ये शो उत्पीड़न, हिंसा और नियंत्रित बर्ताव को ऐसे पेश करता है, जैसे ये स्वीकार्य हो और इसे रोमांटिक तरीके से भी दिखाता है। ये शारीरिक और भावनात्मक शोषण को शादी और पारिवारिक जिंदगी का हिस्सा दिखाता है।"
