बॉलीवुड

'मुझे संघी बनना है...' Kangana Ranaut ने ट्रोल्स को दिया तगड़ा जवाब

Kangana Ranaut Video: बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने ट्रोल्स को जवाब देते हुए कहा कि समय के साथ विचार बदलना हर व्यक्ति का अधिकार है। उन्होंने अपनी पसंद की विचारधारा अपनाने की आजादी की बात कही।

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कंगना रनौत ने कही ये बात (pic credit-instagram)

Kangana Ranaut Video: बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में Gen Z को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने पार्टी और फिल्म प्रमोशन वाले वीडियो वायरल होने लगे। इसी बीच CJP के सौरव दास के साथ उनकी जुबानी जंग भी चर्चा में है। इन सबके बीच कंगना ने ट्रोल्स को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को समय के साथ अपने विचार और जीवन का रास्ता बदलने का अधिकार है। कंगना ने कहा कि जैसे दूसरे लोग अपनी सोच या धर्म बदल सकते हैं, वैसे ही उन्हें भी अपनी विचारधारा चुनने की पूरी आजादी है। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने पुराने जीवन को लेकर सफाई नहीं देंगी और आज जिस रास्ते पर चलना चाहती हैं, उसे अपनाने का अधिकार उन्हें भी है। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Khatron Ke Khiladi 15: 'गर्व है', 18 साल की Ruhaanika Dhawan को स्टंट करते देख उड़े दिव्यांका त्रिपाठी के होश)

कंगना रनौत ने कही ये बात

कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर कहा, "जो लोग मेरे पुराने पार्टी और फिल्म प्रमोशन वाले वीडियो निकाल रहे हैं, उन्हें मैं एक बात कहना चाहती हूं। हर इंसान को समय के साथ अपने विचार बदलने का अधिकार है। जैसे संविधान हर व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म या विचारधारा चुनने की आजादी देता है, वैसे ही मुझे भी अपनी सोच बदलने का अधिकार है। मैं यह नहीं कहूंगी कि मैंने आइटम नंबर के खिलाफ आवाज उठाई, बराबर मेहनताना की बात की, बड़े हीरो के खिलाफ बोली या भाई-भतीजावाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हां, मैं पहले एक मॉडरेट हिंदू थी। आज लोग मुझसे पूछते हैं कि तुम कब से संघी बन गई?

कंगना रनौत ने आगे कहा, 'मुझे संघी बनना है। मैं बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा अपनाना चाहती हूं। मैं एक जागरूक और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हूं। मुझे भी अपनी सोच बदलने का अधिकार है। अगर दूसरे लोग अपनी पहचान और विचार बदल सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं बदल सकती? समाज हिंदू बेटियों के साथ दोहरा व्यवहार करता है। लोग मेरे 10 साल पुराने वीडियो दिखाकर कहते हैं कि तुम पहले पार्टी करती थीं और ऐसा-वैसा करती थीं। ठीक है, मैं पहले ऐसा करती थी, लेकिन आज अगर मैं अपने विचार बदलना चाहती हूं, तो इसमें क्या गलत है? मैं आज एक जागरूक और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हूं, फिर मेरे लिए यह रास्ता बंद क्यों है? यह दोहरी सोच अब नहीं चलेगी।हमारी बेटियों को भी अपने विचार बदलने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। अगर वे एक जागरूक और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हैं, तो उन्हें भी यह अधिकार मिलना चाहिए।'

Kumar Sarash
कुमार सरसauthor

कुमार सरस टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और रोचक है, जो पाठकों को तुरंत जोड़ लेती है। कुमार सरस को बॉलीवुड, टीवी और OTT की ट्रेंडिंग खबरों पर काम करने में खास रुचि है। अब तक उन्होंने 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिखे हैं, जिनमें ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव अपडेट्स और एंटरटेनमेंट फीचर्स शामिल हैं।

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