Abhishek Bachchan on Indian Cinema And AI: टाइम्स ग्रुप (Times Group) के ET NOW ग्लोबल बिजनेस समिट(GBS) के 10वें संस्करण के दूसरे दिन को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है। इस इवेंट के दूसरे दिन भी कई बड़े नाम बतौर गेस्ट पहुंचे। इसी लिस्ट में बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) नाम भी शामिल है। एक्टर अभिषेक बच्चन ने इस दौरान अपनी अपकमिंग फिल्मों के साथ-साथ कई अन्य मुद्दों पर भी बात की, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। तो चलिए जानते हैं अभिषेक बच्चन ने इस इवेंट के दौरान किन-किन मुद्दों पर बात की है, जिसको लेकर काफी चर्चा हो रही है।
भारतीय-कोरियन फिल्म इंडस्ट्री पर कही ये बात
अभिषेक बच्चन ने कहा कि भारतीय सिनेमा दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री है। हर साल हम करीब 1,000 फिल्में बनाते हैं, और इसके अलावा ढेर सारी वेब सीरीज भी आती हैं। हमारी आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है। इंटरनेट यूजर्स की संख्या भी सबसे ज्यादा या दूसरे नंबर पर है। इससे पता चलता है कि हमारे पास डिजिटल कंटेंट तक पहुंच बहुत अच्छी है। अभिषेक ने आगे कहा कि हमारे पास इतनी बड़ी संख्या है कि हमें ये कहना गलत होगा कि 'हम कब अपना स्क्विड गेम बनाएंगे?' हमने धुरंधर (Dhurandhar) बनाई। उसकी कमाई और टिकट बिक्री के आंकड़े देखिए। ये किसी भी शो या फिल्म से ज्यादा है। ये सिर्फ आंकड़ों की बात है। उन्होंने ये भी कहा कि कोरियन टीवी और फिल्म इंडस्ट्री बहुत अच्छा काम करती है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन हमें आंकड़ों को देखना चाहिए। उनके कितने दर्शक संख्या है? वो संख्या हमारे सामने बहुत छोटी लगेगी। भारतीय लोग सिनेमाघरों में इतनी बड़ी तादाद में जाते हैं। अभिषेक ने कहा कि हमें किसी फैड बनने की जरूरत नहीं है। हमारे पास पहले से ही बहुत बड़े आंकड़े हैं।
AI पर दिया ये रिएक्शन
एआई पर अभिषेक बच्चन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'एआई मुझे डराता है। हर एक्टर को इससे डर लगना चाहिए। क्रिएटिव काम में एआई बहुत कुछ बदल देगा। अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो एक्टर्स के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है।' उन्होंने आगे बताया, 'एनिमेशन, स्पेशल इफेक्ट्स आदि में एआई बहुत फायदेमंद है। इससे हमारा काम का समय कम होगा और फिल्म का बजट भी घट सकता है।' लेकिन क्रिएटिव नजरिए से अभिषेक बोले, 'मैंने कई एआई से बनी चीजें देखी हैं। वो बहुत अच्छी लगती हैं, लेकिन उनमें जान नहीं होती। इंसान की वो कमी जो हमारी खूबसूरती है, वो एआई में नहीं होती।' अभिषेक ने ये भी कहा कि उन्हें एआई से सहजता नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मेडिकल और कानूनी क्षेत्र में एआई से बहुत बदलाव आएंगे। फिल्मों और क्रिएटिव काम के बारे में मैं अभी कुछ ज्यादा नहीं कह सकता। मैं एआई की पूरी समझ नहीं रखता, इसलिए मुझे इससे थोड़ा डर लगता है। मैं इसके बारे में पढ़ता हूं और सीखता रहता हूं।'
